{"_id":"5ce45dc5bdec22073e117924","slug":"15584701373-dehradun-news2","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर थम सकते हैं सिटी बसों के पहिये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर थम सकते हैं सिटी बसों के पहिये
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाली सिटी बसों के पहिये इस महीने के अंत में फिर से थम सकते हैं। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ ने परिवहन विभाग पर जुलाई 2017 में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप लगाते हुए ये चेतावनी दी है।
देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने मंगलवार को संभागीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव डीसी पठोई को ज्ञापन दिया। डंडरियाल के अनुसार विक्रमों चालकों द्वारा फुटकर सवारी बैठाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में जुलाई 2017 में छह दिन की हड़ताल की थी। उस दौरान मांगों पर सहमति बनी थी और अधिकारियों से वार्ता के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई थी। लेकिन अधिकारियों ने मांगों पर कोई अमल नहीं किया। इससे सिटी बस संचालकों समस्या जस की तस है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समझौते का पालन न हुआ तो इस महीने के अंत से सिटी बसों के चक्के जाम कर दिए जाएंगे। इससे पहले आरटीओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। बता दें कि शहर के 13 रूटों पर करीब 540 बसें (निजी और सिटी) चलती हैं।
विज्ञापन
राजधानी की सड़कों पर दौड़ने वाली सिटी बसों के पहिये इस महीने के अंत में फिर से थम सकते हैं। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ ने परिवहन विभाग पर जुलाई 2017 में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप लगाते हुए ये चेतावनी दी है।
देहरादून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने मंगलवार को संभागीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव डीसी पठोई को ज्ञापन दिया। डंडरियाल के अनुसार विक्रमों चालकों द्वारा फुटकर सवारी बैठाने समेत विभिन्न मांगों के समर्थन में जुलाई 2017 में छह दिन की हड़ताल की थी। उस दौरान मांगों पर सहमति बनी थी और अधिकारियों से वार्ता के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई थी। लेकिन अधिकारियों ने मांगों पर कोई अमल नहीं किया। इससे सिटी बस संचालकों समस्या जस की तस है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समझौते का पालन न हुआ तो इस महीने के अंत से सिटी बसों के चक्के जाम कर दिए जाएंगे। इससे पहले आरटीओ कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। बता दें कि शहर के 13 रूटों पर करीब 540 बसें (निजी और सिटी) चलती हैं।
विज्ञापन