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डॉ. संजय ‘साहित्य साधक सम्मान’ से सम्मानित
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
महाकवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर हिंदी साहित्य समिति की ओर से साहित्यिक अनुष्ठान और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रसिद्ध गीतकार, कवि व समीक्षक डॉ. संजय कुमार पंकज द्वितीय साहित्य साधक सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त साहित्यकार व संस्कृत भाषा के राष्ट्र कवि डॉ. रमाकांत शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
परेड ग्राउंड समीप स्थित हिंदी भवन के सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. संजय कुमार पंकज ने कहा कि महाकवि पंत की स्मृति में साहित्यिक आयोजन करना पुण्य कार्य एवं साहित्य सेवा है। पंतजी अपने साहित्य में प्रकृति को भरपूर जिया और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन कर संरक्षण का आह्वान भी किया और यही आज की आवश्यकता भी है। इस अवसर पर बिहार सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. शिवदास पांडे, साहित्यकार व समीक्षक डॉ. नागेंद्र ध्यान, डॉ. राम विनय सिंह, हेमवती नंदन कुकरेती, शिव मोहन सिंह, राकेश बलूनी, शादाब अली, शिव पैन्यूली, डॉली डबराल, नीता कुकरेती, ललित मोहन लखेड़ा, डॉ. सुधारानी पांडेय, डॉ. अनंतमणि, नीलम प्रभा, इंद्रदेव रतूड़ी, असीम शुक्ल, नदीम बर्नी आदि मौजूद रहे।
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महाकवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती पर हिंदी साहित्य समिति की ओर से साहित्यिक अनुष्ठान और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रसिद्ध गीतकार, कवि व समीक्षक डॉ. संजय कुमार पंकज द्वितीय साहित्य साधक सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त साहित्यकार व संस्कृत भाषा के राष्ट्र कवि डॉ. रमाकांत शुक्ल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
परेड ग्राउंड समीप स्थित हिंदी भवन के सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉ. संजय कुमार पंकज ने कहा कि महाकवि पंत की स्मृति में साहित्यिक आयोजन करना पुण्य कार्य एवं साहित्य सेवा है। पंतजी अपने साहित्य में प्रकृति को भरपूर जिया और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन कर संरक्षण का आह्वान भी किया और यही आज की आवश्यकता भी है। इस अवसर पर बिहार सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. शिवदास पांडे, साहित्यकार व समीक्षक डॉ. नागेंद्र ध्यान, डॉ. राम विनय सिंह, हेमवती नंदन कुकरेती, शिव मोहन सिंह, राकेश बलूनी, शादाब अली, शिव पैन्यूली, डॉली डबराल, नीता कुकरेती, ललित मोहन लखेड़ा, डॉ. सुधारानी पांडेय, डॉ. अनंतमणि, नीलम प्रभा, इंद्रदेव रतूड़ी, असीम शुक्ल, नदीम बर्नी आदि मौजूद रहे।
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