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हवन कर मांगी खुशहाली की मन्नत
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
कालसी। प्राचीन महाकाली मंदिर में रविवार सुबह से श्रद्धालुुओं का तांता लगा रहा। अवसर था मंदिर के वार्षिकोत्सव का। वार्षिकोत्सव में श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की मन्नत मांगी।
इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से मंदिर को आकर्षक तौर पर सजाया गया। माता का शृंगार भी भव्य तौर पर किया गया। मंदिर में सुबह से ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया गया। पीठाधीश्वर पंडित भरत भूषण शर्मा ने श्रद्धालुओं को दुर्गा सप्तशती के महत्व की जानकारी देने के साथ ही देवी भागवद के प्रसंग सुनाए। माता के काली स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि मां का यह स्वरूप शत्रुओं का संहार करने वाला होने के साथ ही वात्सल्य देने वाला भी है। बताया कि सच्चे मन से माता की पूजा करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।
दुर्गा सप्तशती का पाठ पूर्ण होने के बाद जगमोहन एवं पार्टी की ओर से माता की भेंटें प्रस्तुत की गईं। इसके बाद मंदिर परिसर में हवन किया गया। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें कालसी, हरिपुर, विकासनगर, हरबर्टपुर, देहरादून से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लक्ष्मी शर्मा, गोपाल, मीनाक्षी शर्मा, केसर, माधवी, बसुधा, सचिन, विपिन, सागर, विक्की, देवांश, दक्ष, संसार सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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कालसी। प्राचीन महाकाली मंदिर में रविवार सुबह से श्रद्धालुुओं का तांता लगा रहा। अवसर था मंदिर के वार्षिकोत्सव का। वार्षिकोत्सव में श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की मन्नत मांगी।
इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से मंदिर को आकर्षक तौर पर सजाया गया। माता का शृंगार भी भव्य तौर पर किया गया। मंदिर में सुबह से ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया गया। पीठाधीश्वर पंडित भरत भूषण शर्मा ने श्रद्धालुओं को दुर्गा सप्तशती के महत्व की जानकारी देने के साथ ही देवी भागवद के प्रसंग सुनाए। माता के काली स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि मां का यह स्वरूप शत्रुओं का संहार करने वाला होने के साथ ही वात्सल्य देने वाला भी है। बताया कि सच्चे मन से माता की पूजा करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।
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दुर्गा सप्तशती का पाठ पूर्ण होने के बाद जगमोहन एवं पार्टी की ओर से माता की भेंटें प्रस्तुत की गईं। इसके बाद मंदिर परिसर में हवन किया गया। पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें कालसी, हरिपुर, विकासनगर, हरबर्टपुर, देहरादून से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लक्ष्मी शर्मा, गोपाल, मीनाक्षी शर्मा, केसर, माधवी, बसुधा, सचिन, विपिन, सागर, विक्की, देवांश, दक्ष, संसार सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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