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सहसपुर में गहराया पेयजल संकट
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सेलाकुई। सहसपुर गांव में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। कारण यहां 40 साल पुरानी पेयजल लाइन बढ़ी हुई आबादी के लिए पानी की आपूर्ति करने में सक्षम नहीं हो रही है। खासकर ब्लॉक मुख्यालय सहित टीचर कॉलोनी, फकीरों की बस्ती में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
इन दोनों ही बस्तियों में हैंडपंप भी नहीं हैं। साथ ही शंकरपुर, रेड़ापुर, छरबा में भी पेयजल संकट छाया हुआ है। सहसपुर पंचायत में वर्ष 1995 में ग्राम पंचायत की ओर से जल संस्थान को तीन बीघा जमीन दी गई थी। इसमें ओवरहैड टेंक बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अभी तक इस जमीन पर ट्यूबवेल का निर्माण नहीं किया गया है। यहां राज्य गठन के बाद से ही बसागत बढ़ी है, लेकिन जल संस्थान की ओर से नई पेयजल लाइन नहीं बिछाई गई।
पूर्व प्रधान सुंदर थापा, टीचर कॉलोनी निवासी तरुण बिष्ट, अंजना, दिलशाद, रामदीन, सावित्री देवी, फकीरों की बस्ती निवासी जमालुद्दीन, सैयद अली, इकराम, सबीना ने बताया कि इन दिनों बस्ती में एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है, जिसके चलते सिंचाई की गूल के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। जल संस्थान के अधिकारियों से कई बार बस्ती में नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की गई, लेकिन अधिकारी उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दूसरी ओर शंकरपुर बस्ती में सिंचाई ट्यूबवेल में तकनीकी खराबी आने के कारण पिछले पांच दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है।
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उधर, जल संस्थान के अवर अभियंता संजय कुमार ने बताया कि पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में टैंकर से आपूर्ति बहाल करने की व्यवस्था की जा रही है।
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सेलाकुई। सहसपुर गांव में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। कारण यहां 40 साल पुरानी पेयजल लाइन बढ़ी हुई आबादी के लिए पानी की आपूर्ति करने में सक्षम नहीं हो रही है। खासकर ब्लॉक मुख्यालय सहित टीचर कॉलोनी, फकीरों की बस्ती में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
इन दोनों ही बस्तियों में हैंडपंप भी नहीं हैं। साथ ही शंकरपुर, रेड़ापुर, छरबा में भी पेयजल संकट छाया हुआ है। सहसपुर पंचायत में वर्ष 1995 में ग्राम पंचायत की ओर से जल संस्थान को तीन बीघा जमीन दी गई थी। इसमें ओवरहैड टेंक बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अभी तक इस जमीन पर ट्यूबवेल का निर्माण नहीं किया गया है। यहां राज्य गठन के बाद से ही बसागत बढ़ी है, लेकिन जल संस्थान की ओर से नई पेयजल लाइन नहीं बिछाई गई।
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पूर्व प्रधान सुंदर थापा, टीचर कॉलोनी निवासी तरुण बिष्ट, अंजना, दिलशाद, रामदीन, सावित्री देवी, फकीरों की बस्ती निवासी जमालुद्दीन, सैयद अली, इकराम, सबीना ने बताया कि इन दिनों बस्ती में एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है, जिसके चलते सिंचाई की गूल के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। जल संस्थान के अधिकारियों से कई बार बस्ती में नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की गई, लेकिन अधिकारी उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दूसरी ओर शंकरपुर बस्ती में सिंचाई ट्यूबवेल में तकनीकी खराबी आने के कारण पिछले पांच दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है।
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उधर, जल संस्थान के अवर अभियंता संजय कुमार ने बताया कि पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में टैंकर से आपूर्ति बहाल करने की व्यवस्था की जा रही है।