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‘बिस्सू’ की तैयारियों में जुटे जौनसार के ग्रामीण
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बुरांश फूल
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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साहिया। जौनसार-बावर परगने में इन दिनों दुर्गाष्टमी से मानाए जाने वाले बिस्सू पर्व की तैयारियों जोर शोर से चल रही हैं। स्थानीय लोग घरों की साफ सफाई और सजावट करने में जुटे हैं। साथ ही सगे संबंधियों और रिश्तेदारों को न्यौते भेज रहे हैं।
बैसाखी से मनाए जाने वाले पांच दिवसीय बिस्सू पर्व को जौनसार-बावर परगने में पारंपरिक अंदाज में मनाया जाता है। 14 अप्रैल को फूलियात पर्व, 15 को गांव स्तर पर बिस्सू मनाया जाता है। 16 अप्रैल को खमरोली, पंजिया डांडा, सैलालानी सहित ग्राम पंचायत स्तरीय बिस्सू पर्व मनाया जाता है। 17 को चोली डांडा, चुराणी डांडा, मोकाबागी, देवड़ी लानी और ठाणा डांडा में बिस्सू पर्व का आयोजन किया जाता है। अंतिम दिन क्वानू में बिस्सू पर्व मनाने की परंपरा है। बिस्सू पर्व के दौरान फुलियात मनाने की अलग ही पहचान है। इसमें लोग बुरांश के फूल को जंगलों से तोड़कर घरों और मंदिरों की सजावट करते हैं। मंदिरों में बुरांश के फूलों से विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
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दुर्गा अष्टमी के दिन प्रत्येक घर के मुखिया मां दुर्गा का उपवास रखकर पूरे परिवार की सुख समृद्धि एवं शांति की कामना करते हैं। परगने में छोटे, बड़े स्तर पर लगने वाले बिस्सू मेले आज भी आपसी भाईचारा और पारंपरिक अंदाज को कायम रखे हुए हैं। खत सिलगांव के खत स्याणा तुलसीराम शर्मा, कनबुआ के बुजुर्ग शांति सिंह पंवार का कहना है कि जौनसार-बावर परगने में बिस्सू पर्व की अलग पहचान है। उधर, तहसील प्रशासन भी मेले की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने में जुट गया है। उप जिलाधिकारी कालसी डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि सभी राजस्व उप निरीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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