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नुक्क्ड़ नाटक से जगा रहे बालिका शिक्षा की अलख
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
धूमसू कला मंच के कलाकार सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय प्रसार निदेशालय के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक से बालिका शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। मंच की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण के लिए जागरुकता अभियान चला रहा है।
अभियान के तहत गांवों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व बताया जा रहा है। धूमसू कला मंच की निर्देशक शांति वर्मा तन्हा ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में बालिका शिक्षा के प्रति जागरुकता की कमी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि गांवों में शिक्षा के सुलभ साधन नहीं होने से ग्रामीण बेटियों को दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूल भेजने में असुरक्षित महसूस करते हैं। बताया कि बालिका के शिक्षित होने से ही महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक परिवार को बेटी की शिक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बुधवार को धूमसू कला मंच के कलाकारों ने विकासनगर, बरोटीवाला, केदारावाला, लांघा, भूड़, तौली, पष्टा में नुक्कड़ नाटक और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षा का महत्व बताया। साथ ही समाज में फैली दहेज प्रथा, नशाखोरी, महिला हिंसा से होने वाले नुकसान की जानकारी मुहैया कराई। टीम में बाल विभाग की सुपरवाइजर ब्राह्मी तोमर, गायत्री रावत, मीना वर्मा, संजना राज, ईशा छेत्री, सचिन वर्मा, धीरज, विनीत, साक्षी, अमृत आदि शामिल रहे।
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धूमसू कला मंच के कलाकार सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय प्रसार निदेशालय के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक से बालिका शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। मंच की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तीकरण के लिए जागरुकता अभियान चला रहा है।
अभियान के तहत गांवों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व बताया जा रहा है। धूमसू कला मंच की निर्देशक शांति वर्मा तन्हा ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में बालिका शिक्षा के प्रति जागरुकता की कमी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि गांवों में शिक्षा के सुलभ साधन नहीं होने से ग्रामीण बेटियों को दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूल भेजने में असुरक्षित महसूस करते हैं। बताया कि बालिका के शिक्षित होने से ही महिला सशक्तीकरण को बल मिलेगा। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक परिवार को बेटी की शिक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि बुधवार को धूमसू कला मंच के कलाकारों ने विकासनगर, बरोटीवाला, केदारावाला, लांघा, भूड़, तौली, पष्टा में नुक्कड़ नाटक और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षा का महत्व बताया। साथ ही समाज में फैली दहेज प्रथा, नशाखोरी, महिला हिंसा से होने वाले नुकसान की जानकारी मुहैया कराई। टीम में बाल विभाग की सुपरवाइजर ब्राह्मी तोमर, गायत्री रावत, मीना वर्मा, संजना राज, ईशा छेत्री, सचिन वर्मा, धीरज, विनीत, साक्षी, अमृत आदि शामिल रहे।
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