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कॉलेज न होने से 8 किमी की दूरी नाप रहे हाईस्कूल के छात्र
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
देहरादून से लगे सेलाकुई के ग्रामीण क्षेत्र में इंटर कॉलेज नहीं होने से छात्रों को आठवीं के बाद की शिक्षा के लिए आठ से 10 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। इसके चलते क्षेत्र के कई छात्रों को आठवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है।
क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के छात्र हर रोज राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई और एसजीआरआर इंटर कॉलेज भाऊवाला जाकर हाईस्कूल की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परीक्षाओं के दौरान छात्रों को इतनी लंबी दूरी तय करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार भले ही सब पढ़ें, सब बढ़ें स्लोगन का जोर शोर से प्रचार प्रसार कर रही है। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्लोगन की हकीकत जुदा है। देहरादून से सटे सेलाकुई क्षेत्र के धन्नोवाला, बहादरपुर, राजावाला, भरतपुर, पौड़वाला, तेलपुरा, अटकफार्म, खैरी के छात्रों को आज भी आठवीं के बाद की शिक्षा के लिए हर रोज आठ से 10 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। छात्रों की समस्या विद्यालय दूर होना ही नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों में यातायात के साधन भी मुहैया नहीं हैं। सेलाकुई से ग्रामीण क्षेत्रों के सीधी बस सेवा नहीं है। इन गांवों में सिर्फ छोटे वाहनों की आवाजाही ही होती है। ऐसे में छात्रों के लिए समय पर विद्यालय पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। परीक्षा के दौरान छात्रों को सुबह अंधेरे में ही घर से निकलना पड़ता है। उधर, क्षेत्रीय विधायक सहदेव पुंडीर ने बताया कि जूनियर हाईस्कूल अटकफार्म को उच्चीकृत कर हाईस्कूल में तब्दील करने का प्रस्ताव भेजा गया है। शिक्षा मंत्री से वार्ता कर शीघ्र ही प्रस्ताव को अमल में लाया जाएगा।
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देहरादून से लगे सेलाकुई के ग्रामीण क्षेत्र में इंटर कॉलेज नहीं होने से छात्रों को आठवीं के बाद की शिक्षा के लिए आठ से 10 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। इसके चलते क्षेत्र के कई छात्रों को आठवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है।
क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के छात्र हर रोज राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई और एसजीआरआर इंटर कॉलेज भाऊवाला जाकर हाईस्कूल की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। परीक्षाओं के दौरान छात्रों को इतनी लंबी दूरी तय करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार भले ही सब पढ़ें, सब बढ़ें स्लोगन का जोर शोर से प्रचार प्रसार कर रही है। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्लोगन की हकीकत जुदा है। देहरादून से सटे सेलाकुई क्षेत्र के धन्नोवाला, बहादरपुर, राजावाला, भरतपुर, पौड़वाला, तेलपुरा, अटकफार्म, खैरी के छात्रों को आज भी आठवीं के बाद की शिक्षा के लिए हर रोज आठ से 10 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। छात्रों की समस्या विद्यालय दूर होना ही नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों में यातायात के साधन भी मुहैया नहीं हैं। सेलाकुई से ग्रामीण क्षेत्रों के सीधी बस सेवा नहीं है। इन गांवों में सिर्फ छोटे वाहनों की आवाजाही ही होती है। ऐसे में छात्रों के लिए समय पर विद्यालय पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। परीक्षा के दौरान छात्रों को सुबह अंधेरे में ही घर से निकलना पड़ता है। उधर, क्षेत्रीय विधायक सहदेव पुंडीर ने बताया कि जूनियर हाईस्कूल अटकफार्म को उच्चीकृत कर हाईस्कूल में तब्दील करने का प्रस्ताव भेजा गया है। शिक्षा मंत्री से वार्ता कर शीघ्र ही प्रस्ताव को अमल में लाया जाएगा।
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