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नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
सेलाकुई। बायांखाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। कथा व्यास शिवोहम बाबा ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता बताई। इस मौके पर भगवान श्री कृष्ण की मोहक झाकियां सजाई गईं।
कथा व्यास शिवोहम बाबा ने बताया कि 84 लाख योनियों के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है। इसलिए देह का उपयोग व्यर्थ के कार्यों में न करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में करना चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दीं तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हरे राधा, हरे कृष्ण के उद्घोष के साथ नृत्य किया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीकृष्ण का अवतार तब होगा जब आप सत्य निवेशी बनेंगे। आपको सत्य की साधना करनी पड़ेगी। मां देवकी ने सत्य की साधना की। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फल के रूप में हमें श्रीकृष्ण ही प्राप्त होंगे। वे हमारे जीवन को आनंद से भर देंगे। भगवान कृष्ण सभी समस्याओं का समाधान हैं। उनके मार्गदर्शन में जीवन अगर चलने लगा तो जीवन आनंद से भर जाएगा। प्रभु कृष्ण भक्तों के प्रार्थना रूपी निर्मल झील में प्रतिदिन स्नान करते हैं। प्रार्थना में भाषा की प्रधानता नहीं होती है। प्रार्थना तो भाषा शून्य होती है, लेकिन इसके लिए भाव जरूरी है। इस दौरान गणेश, पुष्पा रतूड़ी, विमला देवी, रेखा भट्ट, सुशीला, बीना, सुनीता कैंतुरा, राधा, सुमित्रा, आशा कंडारी, ज्योति, हरमीत कौर, मंजू देवी, निहारिका सिंह, शशि लता, सोनिया भट्ट, लक्ष्मी, पुष्पा रतूड़ी, आशा कंडारी आदि मौजूद रहीं।
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सेलाकुई। बायांखाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक मनाया गया। कथा व्यास शिवोहम बाबा ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया और धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता बताई। इस मौके पर भगवान श्री कृष्ण की मोहक झाकियां सजाई गईं।
कथा व्यास शिवोहम बाबा ने बताया कि 84 लाख योनियों के पश्चात मानव देह की प्राप्ति होती है। इसलिए देह का उपयोग व्यर्थ के कार्यों में न करके जनकल्याण व ईश्वर भक्ति में करना चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड़ दीं तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हरे राधा, हरे कृष्ण के उद्घोष के साथ नृत्य किया। कथा व्यास ने कहा कि श्रीकृष्ण का अवतार तब होगा जब आप सत्य निवेशी बनेंगे। आपको सत्य की साधना करनी पड़ेगी। मां देवकी ने सत्य की साधना की। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फल के रूप में हमें श्रीकृष्ण ही प्राप्त होंगे। वे हमारे जीवन को आनंद से भर देंगे। भगवान कृष्ण सभी समस्याओं का समाधान हैं। उनके मार्गदर्शन में जीवन अगर चलने लगा तो जीवन आनंद से भर जाएगा। प्रभु कृष्ण भक्तों के प्रार्थना रूपी निर्मल झील में प्रतिदिन स्नान करते हैं। प्रार्थना में भाषा की प्रधानता नहीं होती है। प्रार्थना तो भाषा शून्य होती है, लेकिन इसके लिए भाव जरूरी है। इस दौरान गणेश, पुष्पा रतूड़ी, विमला देवी, रेखा भट्ट, सुशीला, बीना, सुनीता कैंतुरा, राधा, सुमित्रा, आशा कंडारी, ज्योति, हरमीत कौर, मंजू देवी, निहारिका सिंह, शशि लता, सोनिया भट्ट, लक्ष्मी, पुष्पा रतूड़ी, आशा कंडारी आदि मौजूद रहीं।
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