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जनासू के ग्रामीणों ने रेल विकास निगम के अधिकारियों को लौटाया खाली हाथ
Updated Sat, 01 Dec 2018 10:07 PM IST
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श्रीनगर। विकास खंड कोट के अंतर्गत ग्राम पंचायत जनासू के काश्तकारों ने बिना मुआवजा राशि बढ़े रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनको मुआवजा राशि बढ़ाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे जमीन का कब्जा नहीं देंगे।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहित किए जाने के लिए रेल विकास निगम के अधिकारी व उपजिलाधिकारी ने शुक्रवार को जनासू के ग्रामीणों के साथ बैठक की। इस मौके पर एसडीएम माया दत्त जोशी ने बताया कि लक्ष्मोली व जनासू के मध्य अलकनंदा नदी पर रेलवे पुल का निर्माण कार्य शुरू होना है। पुल का सामान पहुंचाने के लिए नाप भूमि पर सड़क बनाई जानी है। इस बात पर बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक रेल विकास निगम की ओर से ग्रामीणों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, वे अपनी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि रेल विकास निगम की ओर से ग्रामीणों को भूमि का जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह बाजार मूल्य से छह से सात गुना कम है। इस मौके पर प्रधान सुरेंद्र लिंगवाल, पूर्व प्रधान शांति लिंगवाल, चंद्र सिंह पंवार, दिनेश नेगी, भीम सिंह, मोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, बुद्धि सिंह, नरेंद्र सिंह व कलम सिंह आदि मौजूद थे।
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहित किए जाने के लिए रेल विकास निगम के अधिकारी व उपजिलाधिकारी ने शुक्रवार को जनासू के ग्रामीणों के साथ बैठक की। इस मौके पर एसडीएम माया दत्त जोशी ने बताया कि लक्ष्मोली व जनासू के मध्य अलकनंदा नदी पर रेलवे पुल का निर्माण कार्य शुरू होना है। पुल का सामान पहुंचाने के लिए नाप भूमि पर सड़क बनाई जानी है। इस बात पर बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक रेल विकास निगम की ओर से ग्रामीणों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, वे अपनी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि रेल विकास निगम की ओर से ग्रामीणों को भूमि का जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह बाजार मूल्य से छह से सात गुना कम है। इस मौके पर प्रधान सुरेंद्र लिंगवाल, पूर्व प्रधान शांति लिंगवाल, चंद्र सिंह पंवार, दिनेश नेगी, भीम सिंह, मोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, बुद्धि सिंह, नरेंद्र सिंह व कलम सिंह आदि मौजूद थे।
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