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स्वीकृति के सात साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया मोटर मार्ग का निर्माण
Updated Sun, 11 Nov 2018 09:41 PM IST
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श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के करीब छह से अधिक गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सात वर्ष पूर्व मोटर मार्ग स्वीकृत किया था, लेकिन आज तक इस मोटर मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
शासन ने राज्य योजना के तहत वर्ष 2011 में सौडू, जाखी, गवाणा, कोटी, पिलखी, बागड़ियों आदि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सौडू-जाखी-गवाणा मोटर मार्ग स्वीकृत किया था, लेकिन आज तक मोटर मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली नोडल कार्यालय से आगे नहीं बढ़ पाई है। इस कारण ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को मोटर मार्ग तक पहुंचने में करीब 5 से 6 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान कुंवर सिंह महर व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने आक्रोश व्यक्त करते हुए विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। कहा कि मोटर मार्ग का निर्माण न होने से क्षेत्र में बड़ी मात्रा में उत्पादित होने वाले अदरक व अन्य उत्पादों का ग्रामीणों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण उन्हें हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रधान ने मोटर मार्ग पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। सहायक अभियंता लोनिवि स्थायी खंड कीर्तिनगर पीएस बर्त्वाल का कहना है कि मोटर मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली नोडल स्तर पर है। मोटर मार्ग की डीपीआर के लिए सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। वन भूमि की स्वीकृति मिलने पर शीघ्र ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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शासन ने राज्य योजना के तहत वर्ष 2011 में सौडू, जाखी, गवाणा, कोटी, पिलखी, बागड़ियों आदि गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सौडू-जाखी-गवाणा मोटर मार्ग स्वीकृत किया था, लेकिन आज तक मोटर मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली नोडल कार्यालय से आगे नहीं बढ़ पाई है। इस कारण ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को मोटर मार्ग तक पहुंचने में करीब 5 से 6 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान कुंवर सिंह महर व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने आक्रोश व्यक्त करते हुए विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। कहा कि मोटर मार्ग का निर्माण न होने से क्षेत्र में बड़ी मात्रा में उत्पादित होने वाले अदरक व अन्य उत्पादों का ग्रामीणों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण उन्हें हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रधान ने मोटर मार्ग पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। सहायक अभियंता लोनिवि स्थायी खंड कीर्तिनगर पीएस बर्त्वाल का कहना है कि मोटर मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली नोडल स्तर पर है। मोटर मार्ग की डीपीआर के लिए सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। वन भूमि की स्वीकृति मिलने पर शीघ्र ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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