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चार साल से नहर क्षतिग्रस्त, लोग छोड़ रहे हैं खेती
Updated Sat, 03 Nov 2018 10:28 PM IST
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थराली। सिंचाई विभाग थराली की लापरवाही का खामियाजा बुड़जौला के काश्तकारों को भुगतना पड़ रहा है। बुड़जौला गांव में बनी सिंचाई नहर चार साल से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसे विभाग अभी तक दुरुस्त नहीं करा पाया है। सिंचाई न होने से अधिकतर खेती बंजर होने के कगार पर है।
बुड़जौला गांव के देवेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह और गंगा सिंह आदि का कहना है कि गांव में खेती की सिंचाई के लिए बुड़जौला गदेरे से करीब एक किमी लंबी नहर तक पानी आता था। इससे पांच हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती थी। चार साल पहले नहर क्षतिग्रस्त होने और कई जगह मलबा जमा होने से नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि ग्रामीण यहां सब्जी का उत्पादन करना चाहते हैं। कृषि विभाग ने यहां उन्नत किस्म का गेहूं का बीज भी दिया, जिसके उत्पादन के लिए पानी चाहिए, लेकिन सिंचाई विभाग से शिकायत करने के बाद भी नहर की मरम्मत नहीं कर पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से जब नहरों की मरम्मत की मांग की गई तो उन्होंने शासन से बात करने की बात कही। अब खेत बंजर होने के कगार पर हैं और लोग धीरे-धीरे खेती छोड़ रहे हैं। वहीं सिंचाई खंड थराली के अधिशासी अभियंता बीके मौर्य ने बताया कि तहसील की सभी क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन में भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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बुड़जौला गांव के देवेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह और गंगा सिंह आदि का कहना है कि गांव में खेती की सिंचाई के लिए बुड़जौला गदेरे से करीब एक किमी लंबी नहर तक पानी आता था। इससे पांच हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती थी। चार साल पहले नहर क्षतिग्रस्त होने और कई जगह मलबा जमा होने से नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि ग्रामीण यहां सब्जी का उत्पादन करना चाहते हैं। कृषि विभाग ने यहां उन्नत किस्म का गेहूं का बीज भी दिया, जिसके उत्पादन के लिए पानी चाहिए, लेकिन सिंचाई विभाग से शिकायत करने के बाद भी नहर की मरम्मत नहीं कर पा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से जब नहरों की मरम्मत की मांग की गई तो उन्होंने शासन से बात करने की बात कही। अब खेत बंजर होने के कगार पर हैं और लोग धीरे-धीरे खेती छोड़ रहे हैं। वहीं सिंचाई खंड थराली के अधिशासी अभियंता बीके मौर्य ने बताया कि तहसील की सभी क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन में भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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