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जौनसार-बावर के अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:00 AM IST
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- क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड, ब्लड स्टोरेज और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर/त्यूनी। जौनसार बावर में सेहत सुविधाएं बेहाल हैं। अस्पतालों में अच्छी सुविधाएं न मिलने के कारण मरीजों को देहरादून या हिमाचल प्रदेश का रुख करना पड़ रहा है। विकासनगर के अलावा त्यूनी, चकराता, कालसी, साहिया दुर्गम क्षेत्र में आता है। ऊपरी क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब होने के कारण दुर्घटनाएं काफी होती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे जौनसार-बाबर क्षेत्र में सुपर स्पेशलिस्ट सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। यदि किसी के सिर पर चोट लगती है तो उसे इलाज के लिए सीधे देहरादून ही लाना पड़ रहा है।
दूसरी बड़ी समस्या महिलाओं की डिलीवरी को लेकर है। पूरे जौनसार बावर क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। हैरानी की बात यह है कि जौनसार बावर क्षेत्र में तो निजी अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में यदि किसी महिला का आपातकालीन स्थिति में अल्ट्रासाउंड करना हो तो पहले उसे देहरादून ले जाना पड़ेगा, उसके बाद ही उसका अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। वहीं क्षेत्र में यदि आपातकालीन स्थिति में मरीज को खून चढ़ाना है तो यह सुविधा भी देहरादून ही जाकर ही मिल सकेगी।
सीएचसी विकासनगर में कबाड़ बना ब्लड स्टोरेज केंद्र
करीब पांच-छह साल पहले विकासनगर में खून की समस्या को देखते हुए लाखों रुपये खर्च करके ब्लड स्टोरेज व क्रास मैचिंग केंद्र बनाया गया था, ताकि दुर्गम क्षेत्र और विकासनगर से आने वाले मरीजों को खून चढ़ाने की सुविधा विकासनगर में ही मिल सके। लेकिन स्टाफ उपस्थित न होने के कारण इस सेंटर पर ताला लग गया है। अब सीएमओ देहरादून स्तर पर दोबारा इस केंद्र को चलाने की बात चल रही है।
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आईसीयू की सुविधा भी नहीं
पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र में कहीं भी अस्पतालों में अब तक आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। जबकि हार्ट अटैक, पैरालिसिस, हेड इंजरी जैसे मरीजों के लिए आईसीयू की तुरंत जरूरत होती है। क्षेत्र में ही यह सुविधा न होने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं।
क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी
त्यूनी। जौनसार बावर के चकराता और कालसी ब्लॉक में क्वासी, भटाड, बुल्हाड़, मैरावना, मानथात, कोटी कनासर, एलोपैथिक अस्पताल और सीएससी चकराता में कई सालों से डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं हुई। ग्रामीणों ने सीएमओ से डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। जल्द ही डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई तो चकराता सामुदायिक केंद्र में तालाबंदी कर दी जाएगी। ग्रामीणों को छोटी सी बीमारी के लिए विकासनगर या देहरादून जाना पड़ता है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह, बुलबुल, शूरवीर डोभाल, चंदन सिंह ,सुरेश आदि ने बताया डॉक्टर की शीघ्र ही तैनाती नहीं की गई तो विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उधर इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती दुर्गम अस्पतालों में की जाएगी।
डॉक्टर की राह ताकते भवन हुआ जर्जर
एलोपैथिक अस्पताल क्वासी का भवन डॉक्टरों की राह ताकते ताकते जर्जर हो चुुुका है। भवन के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। आवारा पशुओं ने यहां पर अपना अड्डा बनाया हुआ है।
कोट
जौनसार-बावर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का ग्राफ काफी अधिक है, इसलिए यहां पर ब्लड बैंक और आईसीयू की सुविधा होनी जरूरी है। आपातकालीन स्थिति में जिंदगी बचाने के लिए सीएचसी स्तर पर आधुनिक तरीके से आपरेशन थिएटर शुरू करने की योजना बन रही है। फिलहाल एक या दो ही वेंटिलेटर मिल जाए तो आपातकालीन स्थिति में जिंदगी बचाई जा सकती है। - मुन्ना सिंह चौहान, विधायक, विकासनगर
कोट
सीएचसी विकासनगर में ब्लड स्टोरेज की सुविधा शुरू करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत चल रही है। यह मामला मेरे संज्ञान में है कि ब्लड स्टोरेज केंद्र दो-तीन सालों से बंद पड़ा हुआ है। जल्द ही इसे शुरू करवाया जाएगा। जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी।
- डॉ. एसके गुप्ता, सीएमओ देहरादून।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर/त्यूनी। जौनसार बावर में सेहत सुविधाएं बेहाल हैं। अस्पतालों में अच्छी सुविधाएं न मिलने के कारण मरीजों को देहरादून या हिमाचल प्रदेश का रुख करना पड़ रहा है। विकासनगर के अलावा त्यूनी, चकराता, कालसी, साहिया दुर्गम क्षेत्र में आता है। ऊपरी क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब होने के कारण दुर्घटनाएं काफी होती हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे जौनसार-बाबर क्षेत्र में सुपर स्पेशलिस्ट सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। यदि किसी के सिर पर चोट लगती है तो उसे इलाज के लिए सीधे देहरादून ही लाना पड़ रहा है।
दूसरी बड़ी समस्या महिलाओं की डिलीवरी को लेकर है। पूरे जौनसार बावर क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। हैरानी की बात यह है कि जौनसार बावर क्षेत्र में तो निजी अल्ट्रासाउंड तक की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में यदि किसी महिला का आपातकालीन स्थिति में अल्ट्रासाउंड करना हो तो पहले उसे देहरादून ले जाना पड़ेगा, उसके बाद ही उसका अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। वहीं क्षेत्र में यदि आपातकालीन स्थिति में मरीज को खून चढ़ाना है तो यह सुविधा भी देहरादून ही जाकर ही मिल सकेगी।
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सीएचसी विकासनगर में कबाड़ बना ब्लड स्टोरेज केंद्र
करीब पांच-छह साल पहले विकासनगर में खून की समस्या को देखते हुए लाखों रुपये खर्च करके ब्लड स्टोरेज व क्रास मैचिंग केंद्र बनाया गया था, ताकि दुर्गम क्षेत्र और विकासनगर से आने वाले मरीजों को खून चढ़ाने की सुविधा विकासनगर में ही मिल सके। लेकिन स्टाफ उपस्थित न होने के कारण इस सेंटर पर ताला लग गया है। अब सीएमओ देहरादून स्तर पर दोबारा इस केंद्र को चलाने की बात चल रही है।
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आईसीयू की सुविधा भी नहीं
पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र में कहीं भी अस्पतालों में अब तक आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। जबकि हार्ट अटैक, पैरालिसिस, हेड इंजरी जैसे मरीजों के लिए आईसीयू की तुरंत जरूरत होती है। क्षेत्र में ही यह सुविधा न होने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं।
क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी
त्यूनी। जौनसार बावर के चकराता और कालसी ब्लॉक में क्वासी, भटाड, बुल्हाड़, मैरावना, मानथात, कोटी कनासर, एलोपैथिक अस्पताल और सीएससी चकराता में कई सालों से डॉक्टर और अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं हुई। ग्रामीणों ने सीएमओ से डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। जल्द ही डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई तो चकराता सामुदायिक केंद्र में तालाबंदी कर दी जाएगी। ग्रामीणों को छोटी सी बीमारी के लिए विकासनगर या देहरादून जाना पड़ता है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह, बुलबुल, शूरवीर डोभाल, चंदन सिंह ,सुरेश आदि ने बताया डॉक्टर की शीघ्र ही तैनाती नहीं की गई तो विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उधर इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती दुर्गम अस्पतालों में की जाएगी।
डॉक्टर की राह ताकते भवन हुआ जर्जर
एलोपैथिक अस्पताल क्वासी का भवन डॉक्टरों की राह ताकते ताकते जर्जर हो चुुुका है। भवन के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। आवारा पशुओं ने यहां पर अपना अड्डा बनाया हुआ है।
कोट
जौनसार-बावर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का ग्राफ काफी अधिक है, इसलिए यहां पर ब्लड बैंक और आईसीयू की सुविधा होनी जरूरी है। आपातकालीन स्थिति में जिंदगी बचाने के लिए सीएचसी स्तर पर आधुनिक तरीके से आपरेशन थिएटर शुरू करने की योजना बन रही है। फिलहाल एक या दो ही वेंटिलेटर मिल जाए तो आपातकालीन स्थिति में जिंदगी बचाई जा सकती है। - मुन्ना सिंह चौहान, विधायक, विकासनगर
कोट
सीएचसी विकासनगर में ब्लड स्टोरेज की सुविधा शुरू करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत चल रही है। यह मामला मेरे संज्ञान में है कि ब्लड स्टोरेज केंद्र दो-तीन सालों से बंद पड़ा हुआ है। जल्द ही इसे शुरू करवाया जाएगा। जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी।
- डॉ. एसके गुप्ता, सीएमओ देहरादून।