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एनडी तिवारी ने डोईवाला को दी थी कई सौगातें
Updated Fri, 19 Oct 2018 02:01 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन से पूरा डोईवाला क्षेत्र शोकमय है। पूर्व सीएम ने डोईवाला को चीनी मिल से लेकर शिक्षा क्षेत्र में कई सौगातें दी थी। अविभाजित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रित्व काल में दिवंगत नारायण दत्त तिवारी ने डोईवाला शुगर मिल की गन्ना पेराई क्षमता को बढ़ाने से लेकर मिल को नया रूप देने का काम किया था। उन्होंने किसानों की समस्या को देखते हुए मिल परिसर में मृदा प्रयोगशाला की स्थापना कराई।
साल 1987 में योजना बनाकर करीब 45 करोड़ की लागत व्यय कर डोईवाला शुगर मिल को नया रूप प्रदान करने का काम उन्होंने किया था। मिल की क्षमता को आठ सौ कुंतल प्रतिदिन से बढ़ाकर 25 हजार कुंतल प्रतिदिन क्षमता बढ़ोतरी कर डोईवाला को गन्ना बेल्ट के रूप में विकसित कराने में भूमिका निभाई। नतीजा यह निकला कि मिल से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला वहीं, गन्ना किसानों का नकदी फसल बोने में रुचि बढ़ी। क्षेत्र की आर्थिकी बढ़ी तो डोईवाला के विकास ने तेजी पकड़ी।
निजी बीएड कॉलेज की करवाई थी शुरूआत
स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसएचआरयू) के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। संस्थान की जनसेवा में पूर्व सीएम ने हमेशा अपना योगदान दिया है। दून घाटी कालेज ऑफ प्रोफेशनल एजूकेशन प्रेमनगर बाजार के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने आगे आकर काम किया था। निजी बीएड कॉलेज की शुरूआत कराकर युवाओं के शिक्षक बनने की राह आसान बनाई। निधन पर कृष्णचंद अग्रवाल, गौरव चौधरी, पन्नालाल गोयल, मनोज नौटियाल, गजेंद्र चौहान, महेश रावत, गौरव मल्होत्रा, राजबीर सिंह खत्री, ईश्वरचंद अग्रवाल, विक्रम सिंह नेगी, अनिल सैनी, राजेश शिंगारी, मंदीप बजाज, करन बोरा, सागर मनवाल, चंद्रप्रकाश गोयल, राजेश्वर प्रसाद लोधी, संजीव सैनी, राजन गोयल, शीशपाल अग्रवाल, प्रवीण गुप्ता, प्रदीप बंगा, सुरेंद्र खालसा, नवनीत अग्रवाल, मनीष यादव, मनमोहन नौटियाल, राहुल सैनी, मधु थापा आदि तमाम लोगों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की है।
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साल 1987 में योजना बनाकर करीब 45 करोड़ की लागत व्यय कर डोईवाला शुगर मिल को नया रूप प्रदान करने का काम उन्होंने किया था। मिल की क्षमता को आठ सौ कुंतल प्रतिदिन से बढ़ाकर 25 हजार कुंतल प्रतिदिन क्षमता बढ़ोतरी कर डोईवाला को गन्ना बेल्ट के रूप में विकसित कराने में भूमिका निभाई। नतीजा यह निकला कि मिल से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला वहीं, गन्ना किसानों का नकदी फसल बोने में रुचि बढ़ी। क्षेत्र की आर्थिकी बढ़ी तो डोईवाला के विकास ने तेजी पकड़ी।
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निजी बीएड कॉलेज की करवाई थी शुरूआत
स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसएचआरयू) के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि पंडित नारायण दत्त तिवारी का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। संस्थान की जनसेवा में पूर्व सीएम ने हमेशा अपना योगदान दिया है। दून घाटी कालेज ऑफ प्रोफेशनल एजूकेशन प्रेमनगर बाजार के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने आगे आकर काम किया था। निजी बीएड कॉलेज की शुरूआत कराकर युवाओं के शिक्षक बनने की राह आसान बनाई। निधन पर कृष्णचंद अग्रवाल, गौरव चौधरी, पन्नालाल गोयल, मनोज नौटियाल, गजेंद्र चौहान, महेश रावत, गौरव मल्होत्रा, राजबीर सिंह खत्री, ईश्वरचंद अग्रवाल, विक्रम सिंह नेगी, अनिल सैनी, राजेश शिंगारी, मंदीप बजाज, करन बोरा, सागर मनवाल, चंद्रप्रकाश गोयल, राजेश्वर प्रसाद लोधी, संजीव सैनी, राजन गोयल, शीशपाल अग्रवाल, प्रवीण गुप्ता, प्रदीप बंगा, सुरेंद्र खालसा, नवनीत अग्रवाल, मनीष यादव, मनमोहन नौटियाल, राहुल सैनी, मधु थापा आदि तमाम लोगों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की है।
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