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गांवों में कितनी होती है सफाई, देखेंगी आशाएं
Updated Mon, 15 Oct 2018 10:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक के ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) होने के एक साल बाद गांवों में सफाई किस स्तर तक है, इसकी जांच अब आशाएं करेंगी। स्वजल परियोजना की ओर से ब्लाक की आशा कार्यकर्ताओं को गांवों में स्वच्छता का स्तर जांचने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है।
ब्लाक सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वजल के लक्ष्मण सिंह राणा ने आशाओं को बताया कि ब्लाक के सभी गांवों को एक साल पूर्व ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। ग्रामीण स्वच्छता योजना शुरू होने से पहले और अब तक ब्लाक में पांच हजार से अधिक परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए सहायता दी गई है। ओडीएफ होने के बाद अब गांवों में स्वच्छता का स्तर क्या है, इसके परीक्षण के लिए आशाओं को स्थलीय निरीक्षक कर प्रपत्र भरने हैं। इसमें शौचालय की स्थिति, शौचालय सहित घरों में पानी की स्थिति, गांव, घर और शौचालय में सफाई की व्यवस्था आदि मामलों की जांच की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यशाला में ब्लाक की सभी आशाएं मौजूद थीं।
ब्लाक सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वजल के लक्ष्मण सिंह राणा ने आशाओं को बताया कि ब्लाक के सभी गांवों को एक साल पूर्व ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। ग्रामीण स्वच्छता योजना शुरू होने से पहले और अब तक ब्लाक में पांच हजार से अधिक परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए सहायता दी गई है। ओडीएफ होने के बाद अब गांवों में स्वच्छता का स्तर क्या है, इसके परीक्षण के लिए आशाओं को स्थलीय निरीक्षक कर प्रपत्र भरने हैं। इसमें शौचालय की स्थिति, शौचालय सहित घरों में पानी की स्थिति, गांव, घर और शौचालय में सफाई की व्यवस्था आदि मामलों की जांच की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यशाला में ब्लाक की सभी आशाएं मौजूद थीं।
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