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मुक्त शिक्षा संसाधनों की शिक्षक-छात्रों को दे जानकारी
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:01 PM IST
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श्रीनगर। केंद्रीय गढ़वाल विवि के फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर (एफडीसी) चौरास में सात दिवसीय मुक्त शिक्षा संसाधनों के उपयोग एवं विकास (यूज एंड डेवलेपमेंट ऑफ ओपन एजुकेशनल रिसोर्स) विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
शुक्रवार से शुरू हुई कार्यशाला का उद्घाटन कामनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया नई दिल्ली के प्रोग्राम अफसर डा. मानस रंजन पाणिग्रही ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मौजूदा तकनीकी के दौर में मुक्त शिक्षा संसाधनों का प्रचार प्रसार व्यापक रुप ले रहा है। शिक्षकों व विद्यार्थियों का इसके प्रति जागरूक होना चाहिए, लेकिन परंपरागत शैक्षणिक व्यवस्था और मुक्त शिक्षा संसाधनों के बीच अंतर है, जिसे भरने के लिए उचित नीति की जरूरत है।
कार्यशाला की संयोजक और एफडीसी निदेशक प्रो. इंदू खंडूड़ी ने बताया कि कार्यशाला में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लगभग 47 शिक्षक प्रतिभाग कर कर रहे हैं। कार्यशाला में शिक्षा शास्त्री और विशेषज्ञ मुक्त शिक्षा संसाधनों के विविध पक्षों (मूक्स, स्वयं और एनपीटीइएल) पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीन स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. आरपी भट्ट ने कहा कि शिक्षकों को अपग्रेड करने के लिए एफडीसी की ओर से आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर डा. राहुल कुंवर, डा. विजय भट्ट और डा. कविता भट्ट आदि ने विचार व्यक्त किए।
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शुक्रवार से शुरू हुई कार्यशाला का उद्घाटन कामनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया नई दिल्ली के प्रोग्राम अफसर डा. मानस रंजन पाणिग्रही ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मौजूदा तकनीकी के दौर में मुक्त शिक्षा संसाधनों का प्रचार प्रसार व्यापक रुप ले रहा है। शिक्षकों व विद्यार्थियों का इसके प्रति जागरूक होना चाहिए, लेकिन परंपरागत शैक्षणिक व्यवस्था और मुक्त शिक्षा संसाधनों के बीच अंतर है, जिसे भरने के लिए उचित नीति की जरूरत है।
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कार्यशाला की संयोजक और एफडीसी निदेशक प्रो. इंदू खंडूड़ी ने बताया कि कार्यशाला में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लगभग 47 शिक्षक प्रतिभाग कर कर रहे हैं। कार्यशाला में शिक्षा शास्त्री और विशेषज्ञ मुक्त शिक्षा संसाधनों के विविध पक्षों (मूक्स, स्वयं और एनपीटीइएल) पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीन स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. आरपी भट्ट ने कहा कि शिक्षकों को अपग्रेड करने के लिए एफडीसी की ओर से आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर डा. राहुल कुंवर, डा. विजय भट्ट और डा. कविता भट्ट आदि ने विचार व्यक्त किए।
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