{"_id":"5bbb8462867a552854168db3","slug":"153901575312-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव गांव तक आयुर्वेद चिकित्साक को पहुंचाने की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव गांव तक आयुर्वेद चिकित्साक को पहुंचाने की कवायद
Updated Mon, 08 Oct 2018 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्णप्रयाग। सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग और आयुर्वेद को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कहा गया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुर्वेद चिकित्सा और योग को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए ब्लाक में कार्यरत आशा और एएनम को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा से ही बेहतर उपचार किया जा सकता है।
सोमवार को ब्लाक सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. आरएस पाल ने किया। उन्होंने कहा कि आहार (भोजन) और विहार (प्रणायाम) से कई रोगों की रोकथाम हो सकती है। नोडल अधिकारी डा. एसके रतूड़ी ने बताया कि जड़ी-बूूटियों और घरेलू उपचार से बेहतर राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी दवाइयों से होने वाली अन्य बीमारियों से कैसे बचा सकता है इसके लिए आशा और एएनएम के माध्यम से ग्राम स्तर पर आयुर्वेदिक और योग उपचार को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पेट दर्द, उल्टी, बुखार, पीलिया, स्वांस आदि का प्राथमिक उपचार किया जा सकता है। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डा. अंजू सिंह ने महिलाओं को विभिन्न रोगों के उपचार में आने वाली जड़ी बूटियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डा. मनीष खंडूड़ी और नीरज कैलखुरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सोमवार को ब्लाक सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. आरएस पाल ने किया। उन्होंने कहा कि आहार (भोजन) और विहार (प्रणायाम) से कई रोगों की रोकथाम हो सकती है। नोडल अधिकारी डा. एसके रतूड़ी ने बताया कि जड़ी-बूूटियों और घरेलू उपचार से बेहतर राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी दवाइयों से होने वाली अन्य बीमारियों से कैसे बचा सकता है इसके लिए आशा और एएनएम के माध्यम से ग्राम स्तर पर आयुर्वेदिक और योग उपचार को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पेट दर्द, उल्टी, बुखार, पीलिया, स्वांस आदि का प्राथमिक उपचार किया जा सकता है। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डा. अंजू सिंह ने महिलाओं को विभिन्न रोगों के उपचार में आने वाली जड़ी बूटियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डा. मनीष खंडूड़ी और नीरज कैलखुरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन