{"_id":"5bb642f9867a55292d0cb3a2","slug":"153867133117-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में गरीबों का नहीं कोई पूछनहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में गरीबों का नहीं कोई पूछनहार
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। जिला अस्पताल में डॉक्टर न मिलने के कारण अस्पताल फिर रेफरल सेंटर बन कर रह गया है। बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा होने पर एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल लाया गया लेकिन यहां डॉक्टर न होने के कारण महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिजन महिला को घर ले गए और गांव में दाई ने महिला का सुरक्षित प्रसव करवा दिया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जिला अस्पताल में कुछ समय पूर्व ही सीएमओ ने अपनी सेवाएं देनी शुरू की हैं, इसके लिए भी महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। बुधवार कोगोपेश्वर के मंदिर मार्ग निवासी करीना देवी (20) पत्नी सतेंद्र लाल को परिजन हल्की प्रसव पीड़ा होने पर शाम तीन बजे जिला अस्पताल ले गए। कुछ देर तक अस्पताल में रखने के बाद डॉक्टरों ने महिला डॉक्टर न होने का हवाला देते हुए परिजनों को उसे हायर सेंटर ले जाने को कहा। करीना का पति सतेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। प्रसव के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर तक जाने के लिए धनराशि न होने के कारण वे गर्भवती को घर ले आए। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा तेल होने पर परिजनों ने गांव की 80 वर्षीय दाई रमवती देवी को प्रसव कराने के लिए बुलाया। करीब दो घंटे बाद सुबह दाई ने महिला का सुरक्षित प्रसव करवा दिया। कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष पुष्पा नेगी और पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित का कहना है कि जिला अस्पताल में गरीबों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार मरीज की सामान्य स्थिति होने पर भी उन्हें रेफर करने के लिए कहा जा रहा है।
जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा भी जिले से बाहर हैं। ऐसे में अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से महिला का प्रसव नहीं कराया जा सका। मामले में चिकित्सालय प्रशासन से जानकारी ली जाएगी। - डा. पंकज जैन, प्रभारी सीएमओ, चमोली।
जिला अस्पताल में कुछ समय पूर्व ही सीएमओ ने अपनी सेवाएं देनी शुरू की हैं, इसके लिए भी महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। बुधवार कोगोपेश्वर के मंदिर मार्ग निवासी करीना देवी (20) पत्नी सतेंद्र लाल को परिजन हल्की प्रसव पीड़ा होने पर शाम तीन बजे जिला अस्पताल ले गए। कुछ देर तक अस्पताल में रखने के बाद डॉक्टरों ने महिला डॉक्टर न होने का हवाला देते हुए परिजनों को उसे हायर सेंटर ले जाने को कहा। करीना का पति सतेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। प्रसव के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर तक जाने के लिए धनराशि न होने के कारण वे गर्भवती को घर ले आए। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा तेल होने पर परिजनों ने गांव की 80 वर्षीय दाई रमवती देवी को प्रसव कराने के लिए बुलाया। करीब दो घंटे बाद सुबह दाई ने महिला का सुरक्षित प्रसव करवा दिया। कांग्रेस की महिला जिला अध्यक्ष पुष्पा नेगी और पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित का कहना है कि जिला अस्पताल में गरीबों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार मरीज की सामान्य स्थिति होने पर भी उन्हें रेफर करने के लिए कहा जा रहा है।
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा भी जिले से बाहर हैं। ऐसे में अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से महिला का प्रसव नहीं कराया जा सका। मामले में चिकित्सालय प्रशासन से जानकारी ली जाएगी। - डा. पंकज जैन, प्रभारी सीएमओ, चमोली।
विज्ञापन