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फलोत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयास में जुटी मंडी समिति
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:24 PM IST
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कर्णप्रयाग। गांवों में फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंडी समिति प्रयासरत है। समिति पांच ब्लाकों में करीब दस हजार पौधे बांट जुटी है। आने वाले समय में किसान फलोत्पादन को आर्थिकी का जरिया बना सके।
वर्ष 2014 में नगर के बहुगुणानगर में मंडी समिति का संचालन शुरू हुआ। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के लिए बनी मंडी समिति इन चार सालों में स्थानीय स्तर पर फसलों के उत्पादन का विपणन नहीं कर पाया, लेकिन अब गांवों में किसानों को फलोत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है। मंडी समिति के अफसरों का कहना है पारंपरिक फसलों में लोगों की रुचि को कम देखते हुए मंडी विपणन बोर्ड की पहल पर किसानों को नि:शुल्क फलदार पौध वितरित की गई। समिति के सचिव यूडी उनियाल ने बताया कि पहले चरण में चमोली जिले के देवाल, थराली, गैरसैंण, कर्णप्रयाग और घाट ब्लाक में समिति ने किसानों को 10 हजार से अधिक फलों की पौध वितरित की। समय-समय पर गांवों में जाकर पौधों का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि अधिकाधिक पौधे विकसित हो सकें। इससे किसान फलोत्पादन कर आर्थिकी जुटा सकेंगे।
वर्ष 2014 में नगर के बहुगुणानगर में मंडी समिति का संचालन शुरू हुआ। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के लिए बनी मंडी समिति इन चार सालों में स्थानीय स्तर पर फसलों के उत्पादन का विपणन नहीं कर पाया, लेकिन अब गांवों में किसानों को फलोत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है। मंडी समिति के अफसरों का कहना है पारंपरिक फसलों में लोगों की रुचि को कम देखते हुए मंडी विपणन बोर्ड की पहल पर किसानों को नि:शुल्क फलदार पौध वितरित की गई। समिति के सचिव यूडी उनियाल ने बताया कि पहले चरण में चमोली जिले के देवाल, थराली, गैरसैंण, कर्णप्रयाग और घाट ब्लाक में समिति ने किसानों को 10 हजार से अधिक फलों की पौध वितरित की। समय-समय पर गांवों में जाकर पौधों का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि अधिकाधिक पौधे विकसित हो सकें। इससे किसान फलोत्पादन कर आर्थिकी जुटा सकेंगे।
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