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अतिवृष्टि के बाद घाट क्षेत्र में अभी भी जनजीवन अस्त-व्यस्त
Updated Sat, 08 Sep 2018 10:46 PM IST
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घाट। सगोलाबगड़ और सरपाणी गांव में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का तहसीलदार ने जायजा लिया और प्रभावितों को आपदा राहत राशि और सामग्री बांटी। अतिवृष्टि से गांव घाट-सितेल मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा बह जाने से ग्रामीणों को आठ किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर गंतव्य को जाना पड़ रहा है, जबकि सरपाणी गांव को जोड़नेे वाला पैदल पुल बहने से ग्रामीणों के सामने आवाजाही की समस्या बनी है।
शनिवार को तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने उस्तोली के दोनों गांवों का जायजा लिया। तहसीलदार ने आपदा प्रभावित गोपाल लाल, चैता देवी, कस्बी लाल तथा सरपाणी गांव की फगुणी देवी व प्यारे दास को 2-2 हजार रुपये नकद धनराशि और 1800 रुपये की खाद्य सामग्री प्रति प्रभावित परिवार को बांटी। उन्होंने तीन प्रभावितों को एक-एक टेंट भी मुहैया कराया गया। तहसीलदार ने रेडक्रास के सदस्यों के साथ प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री भी बांटी। ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि भी मलबे में दबने से उनके सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण केदार सिंह, ज्ञान सिंह, मुन्नी, धर्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, ताजवर, बलवीर सिंह और गोपाल सिंह का कहना है कि उनकी छह माह की मेहनत नष्ट हो गई है। आलू की फसल भी मलबे में दब गई है। अब आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा।
शनिवार को तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ ने उस्तोली के दोनों गांवों का जायजा लिया। तहसीलदार ने आपदा प्रभावित गोपाल लाल, चैता देवी, कस्बी लाल तथा सरपाणी गांव की फगुणी देवी व प्यारे दास को 2-2 हजार रुपये नकद धनराशि और 1800 रुपये की खाद्य सामग्री प्रति प्रभावित परिवार को बांटी। उन्होंने तीन प्रभावितों को एक-एक टेंट भी मुहैया कराया गया। तहसीलदार ने रेडक्रास के सदस्यों के साथ प्रभावित क्षेत्र में राहत सामग्री भी बांटी। ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि भी मलबे में दबने से उनके सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीण केदार सिंह, ज्ञान सिंह, मुन्नी, धर्म सिंह, सुरेंद्र सिंह, ताजवर, बलवीर सिंह और गोपाल सिंह का कहना है कि उनकी छह माह की मेहनत नष्ट हो गई है। आलू की फसल भी मलबे में दब गई है। अब आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा।
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