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लगातार दरक रही पहाड़ी, यातायात थमा
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:20 AM IST
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नहीं खुला बैराटखाई मोटर मार्ग, 40 से अधिक गांवों का संपर्क है कटा
ब्यूरो/अमर उजाला/ विकासनगर।
कालसी। कोथी बौंदी के पास बैराटखाई मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने से सोमवार को भी आवाजाही ठप रही। मलबा नहीं हटने से 40 से अधिक गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट हुआ है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया सफर करना पड़ रहा है।
बता दें, दो दिन पहले क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के दौरान बैराटखाई मोटर मार्ग पर कोथी बौंदी के पास भारी मात्रा में मलबा आने से सड़क किनारे बनी क्रश वॉल धराशायी हो गई थी। इसके चलते इस मोटर मार्ग से जुड़े कोथी बौंदी, खतार, खंडी, बेसोगीलानी, बिजऊ, थैना, बैराटखाई, नागथात, दुईना, मुंशी समेत 40 से अधिक गांवों की आबादी मुख्यालय से कटी हुई है। सोमवार को भी मलबा की समस्या से निजात नहीं मिली है। हालांकि मार्ग खोलने के लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर-ट्राली और छह मजदूरों की टीम दिनभर जुटी रहीं। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया समेत अन्य खतरनाक रास्तों से सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बैराटखाई मोटर मार्ग पर लगातार पहाड़ी के दरकने का सिलसिला जारी है। काश्तकार शशिपाल तोमर, मोहर सिंह तोमर, इंदर सिंह नेगी, कृपाल सिंह, सरदार सिंह, चमन सिंह, गजेंद्र तोमर, नारायण सिंह का कहना है कि फसल बेचने के लिए वाया साहिया होकर बाजार चाने में दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, अदरक, मूली, हरी मिर्च की बंपर पैदावार हो रही है, लेकिन सड़क बंद होने से फसल मंडी तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ विकासनगर।
कालसी। कोथी बौंदी के पास बैराटखाई मोटर मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने से सोमवार को भी आवाजाही ठप रही। मलबा नहीं हटने से 40 से अधिक गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट हुआ है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया सफर करना पड़ रहा है।
बता दें, दो दिन पहले क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश के दौरान बैराटखाई मोटर मार्ग पर कोथी बौंदी के पास भारी मात्रा में मलबा आने से सड़क किनारे बनी क्रश वॉल धराशायी हो गई थी। इसके चलते इस मोटर मार्ग से जुड़े कोथी बौंदी, खतार, खंडी, बेसोगीलानी, बिजऊ, थैना, बैराटखाई, नागथात, दुईना, मुंशी समेत 40 से अधिक गांवों की आबादी मुख्यालय से कटी हुई है। सोमवार को भी मलबा की समस्या से निजात नहीं मिली है। हालांकि मार्ग खोलने के लिए दो जेसीबी, दो ट्रैक्टर-ट्राली और छह मजदूरों की टीम दिनभर जुटी रहीं। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को कालसी पहुंचने के लिए वाया साहिया समेत अन्य खतरनाक रास्तों से सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बैराटखाई मोटर मार्ग पर लगातार पहाड़ी के दरकने का सिलसिला जारी है। काश्तकार शशिपाल तोमर, मोहर सिंह तोमर, इंदर सिंह नेगी, कृपाल सिंह, सरदार सिंह, चमन सिंह, गजेंद्र तोमर, नारायण सिंह का कहना है कि फसल बेचने के लिए वाया साहिया होकर बाजार चाने में दोगुना किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। इन दिनों क्षेत्र में टमाटर, अदरक, मूली, हरी मिर्च की बंपर पैदावार हो रही है, लेकिन सड़क बंद होने से फसल मंडी तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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