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बारिश में गिरे पेड़ों के कटान की आड़ में हरे पेड़ भी कटे
Updated Mon, 20 Aug 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
वन विभाग की चौहड़पुर रेंज अंतर्गत जमनीपुर गांव में भूमाफिया बरसात का फायदा उठा आम के हरे भरे बाग को उजाड़ने पर आमद है। बरसात से गिरे पेड़ों के कटान और निकासी की अनुमति की आड़ में माफिया अब तक बाग में खड़े 8-9 हरे भरे पेड़ों का सफाया कर चुका है। कोई काटे गए पेड़ों की ठूंठ को न देख सके। इसके लिए पेड़ों को काटने के बाद वहां पर पानी डाल कीचड़ कर दिया गया। मामले में वन और उद्यान विभाग की चुप्पी हैरान करने वाली है। माफिया बाग को काट वहां पर प्लाटिंग की तैयारी में है।
एक सप्ताह पूर्व माफिया ने पहले रात के अंधेरे में बरसात का फायदा उठा ट्रैक्टर की मदद से चार पेड़ों को गिराया। इसके बाद पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से कटान की अनुमति मांगी। जिसके बाद अब तक बाग में खड़े 8-9 पेड़ काटे जा चुके हैं। खास बात यह है कि अब तक वन और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच काटे गए पेड़ों का मिलान करने की जहमत नहीं उठाई हुई है। कोई लकड़ी को न देख सके। इसके लिए उसे पत्तों और टहनियों से ढक कर रखा जा रहा है। मालूम हो कि पूरा पछवादून फल पट्टी के रूप में विख्यात हैं। वर्तमान में उद्यान विभाग ने क्षेत्र में किसी भी तरह के पेड़ के कटान की अनुमति पर रोक लगाई है। ऐसे में अब माफिया ने पेड़ों के कटान का नया तरीका इजात किया है। पहले दो-तीन पेड़ों को ट्रैक्टर की मदद से गिराया जा रहा है फिर इन पेड़ों की निकासी की आड़ में वन विभाग से अनुमति मांगी जा रही है। जिसकी आड़ में अन्य पेड़ों का भी सफाया किया जा रहा है।
मामला संज्ञान में नहीं है। मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। यदि पेड़ों का अवैध पातन हुआ है तो भू मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- इंदू भूषण कुमोला, एसडीओ उद्यान विभाग
संबंधित रेंजाधिकारी को मौके पर भेजा जाएगा। यदि गिरे पेड़ों की निकासी आड़ में पेड़ों का अवैध पातन हो रहा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र कुमार, डीएफओ, भूमि एवं संरक्षण वन प्रभाग, कालसी
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वन विभाग की चौहड़पुर रेंज अंतर्गत जमनीपुर गांव में भूमाफिया बरसात का फायदा उठा आम के हरे भरे बाग को उजाड़ने पर आमद है। बरसात से गिरे पेड़ों के कटान और निकासी की अनुमति की आड़ में माफिया अब तक बाग में खड़े 8-9 हरे भरे पेड़ों का सफाया कर चुका है। कोई काटे गए पेड़ों की ठूंठ को न देख सके। इसके लिए पेड़ों को काटने के बाद वहां पर पानी डाल कीचड़ कर दिया गया। मामले में वन और उद्यान विभाग की चुप्पी हैरान करने वाली है। माफिया बाग को काट वहां पर प्लाटिंग की तैयारी में है।
एक सप्ताह पूर्व माफिया ने पहले रात के अंधेरे में बरसात का फायदा उठा ट्रैक्टर की मदद से चार पेड़ों को गिराया। इसके बाद पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग से कटान की अनुमति मांगी। जिसके बाद अब तक बाग में खड़े 8-9 पेड़ काटे जा चुके हैं। खास बात यह है कि अब तक वन और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच काटे गए पेड़ों का मिलान करने की जहमत नहीं उठाई हुई है। कोई लकड़ी को न देख सके। इसके लिए उसे पत्तों और टहनियों से ढक कर रखा जा रहा है। मालूम हो कि पूरा पछवादून फल पट्टी के रूप में विख्यात हैं। वर्तमान में उद्यान विभाग ने क्षेत्र में किसी भी तरह के पेड़ के कटान की अनुमति पर रोक लगाई है। ऐसे में अब माफिया ने पेड़ों के कटान का नया तरीका इजात किया है। पहले दो-तीन पेड़ों को ट्रैक्टर की मदद से गिराया जा रहा है फिर इन पेड़ों की निकासी की आड़ में वन विभाग से अनुमति मांगी जा रही है। जिसकी आड़ में अन्य पेड़ों का भी सफाया किया जा रहा है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। मैं स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। यदि पेड़ों का अवैध पातन हुआ है तो भू मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- इंदू भूषण कुमोला, एसडीओ उद्यान विभाग
संबंधित रेंजाधिकारी को मौके पर भेजा जाएगा। यदि गिरे पेड़ों की निकासी आड़ में पेड़ों का अवैध पातन हो रहा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र कुमार, डीएफओ, भूमि एवं संरक्षण वन प्रभाग, कालसी