{"_id":"5b79d09542c792463a2e4730","slug":"153470990012-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुर्णाहुति पर की राज्य की खुशहाली की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुर्णाहुति पर की राज्य की खुशहाली की कामना
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। ऊषा जन कल्याण और जन सुधार समिति की ओर से आयोजित शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन पूर्णाहुति में लोगों ने खुशहाली की कामना की। कथावाचक ने कहा कि श्रावण में शिव कथा के श्रवण और मनन का बड़ा महत्व होता है
देहरादून रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला परिसर में आयोजित सप्ताहव्यापी शिव महापुराण का रविवार को हवन और भजन कीर्तन के साथ समापन हुआ। पूर्णाहुति में समाजसेवी राकेश कुमार गुप्ता, व्यवसायी ईश्वर चंद अग्रवाल और अन्य लोगों ने जन कल्याण और राज्य की खुशहाली के लिए आहुति डाली। कथा प्रवचन में कथावाचक गोवर्धन प्रसाद गौड ने सत्यम शिवम सुंदरम की व्याख्या की। साथ ही गौड ने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष ने जब विश्व में हलचल मचा दी, तो भगवान शिव ने विष को अपने कंठ में उतार कर स्वयं को नीलकंठ बना लिया। कहा कि श्रावण मास में विधिवत कथा श्रवण, पूजन और अभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। कथा में राजबीर सिंह खत्री, राकेश गुप्ता, नीरज सिंघल, नरेंद्र खरोला, धर्मो देवी, पंडित रमेश डंडरियाल, जगदीश गोयल, उमा सती, सिमरन ठाकुर, शशि प्रभा अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, नीरज गोयल, रमेश वासन, आनन्द गुप्ता, कंवल बाली, अजय गुप्ता, शालू थापा, हेमा डंडरियाल, अनुज गोयल, श्वेता, अभिषेक, राहुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देहरादून रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला परिसर में आयोजित सप्ताहव्यापी शिव महापुराण का रविवार को हवन और भजन कीर्तन के साथ समापन हुआ। पूर्णाहुति में समाजसेवी राकेश कुमार गुप्ता, व्यवसायी ईश्वर चंद अग्रवाल और अन्य लोगों ने जन कल्याण और राज्य की खुशहाली के लिए आहुति डाली। कथा प्रवचन में कथावाचक गोवर्धन प्रसाद गौड ने सत्यम शिवम सुंदरम की व्याख्या की। साथ ही गौड ने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष ने जब विश्व में हलचल मचा दी, तो भगवान शिव ने विष को अपने कंठ में उतार कर स्वयं को नीलकंठ बना लिया। कहा कि श्रावण मास में विधिवत कथा श्रवण, पूजन और अभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। कथा में राजबीर सिंह खत्री, राकेश गुप्ता, नीरज सिंघल, नरेंद्र खरोला, धर्मो देवी, पंडित रमेश डंडरियाल, जगदीश गोयल, उमा सती, सिमरन ठाकुर, शशि प्रभा अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, नीरज गोयल, रमेश वासन, आनन्द गुप्ता, कंवल बाली, अजय गुप्ता, शालू थापा, हेमा डंडरियाल, अनुज गोयल, श्वेता, अभिषेक, राहुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन