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गौहरीमाफी में बाढ़ से भारी नुकसान
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला।
गौहरीमाफी में बीते सोमवार को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से जगह-जगह संपर्क मार्ग टूट गए हैं, सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हैं, घरों की दीवारें ढह गई हैं जबकि दर्जन भर चारदीवारी और फसली भूमि तबाह हो गई है। तबाही के दूसरे दिन भी प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुंची। दूसरी ओर राफ्ट संचालन में जुटी टीम की मनमानी को लेकर भी लोगों में आक्रोश देखा गया।
गौहरीमाफी में एक दिन पहले आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को भी घरों में घुसे बाढ़ के पानी, गाद की साफ करने के साथ दिनचर्या की शुरुआत की। जबकि तीनों ओर से बाढ़ से घिरी आबादी वाले हिस्से में बीते दो दिनों से आवागमन पूरी तरह ठप है। दोपहर बाद शुरू हुई राफ्ट सेवा से केवल जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों व मरीजों को ही जलधारा से आरपार कराया गया। मनमानी को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा गया। ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने बताया कि बीते कई दिनों से बाढ़ के पानी में घिरे हिस्से में ग्रामीण राफ्ट सुविधा से आवागमन कर रहे थे, मगर सोमवार को आई भीषण बाढ़ के बाद मंगलवार को दूसरे दिन भी प्रशासन की ओर से अलग-थलग पड़े गांव के हिस्से में आवागमन सुचारु नहीं हो पाया।
इस दौरान दोपहर बाद लगाई गई राफ्ट में नागरिकों से पूछताछ के बाद ही बिठाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि सुबह के समय राफ्ट नहीं लगाई गई, जिसके कारण ग्रामीणों को जलधारा में जोखिम उठाकर पार करना पड़ा। सुबह के समय राफ्ट नहीं लगने से स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं जा सके। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ के दूसरे दिन भी प्रशासन की टीम क्षेत्र में क्षति का मुआयना करने नहीं पहुंची। जबकि गांव में घुसी जलधारा को डायवर्ट करने का कार्य लगातार जारी रहा।
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बचाव कार्य में जुटी एसडीआरएफ
देहरादून। आपदा परिचालन केंद्र देहरादून से प्राप्त सूचना के अनुसार तहसील ऋषिकेश के अंतर्गत गौहरीमाफी में स्थित सौंग नदी का जल वर्तमान में सामान्य हो रहा है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए आरपार ले जाने के लिये एसडीआरएफ की टीम ने छोटी बोट का उपयोग किया गया। गोहरीमाफी में सिंचाई विभाग की तीन जेसीबी काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम कैंप लगाकर मौके पर तैनात की गई है, जो स्थानीय पुलिस प्रशासन के समन्वय से कार्य कर रही है।
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गौहरीमाफी में बीते सोमवार को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से जगह-जगह संपर्क मार्ग टूट गए हैं, सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हैं, घरों की दीवारें ढह गई हैं जबकि दर्जन भर चारदीवारी और फसली भूमि तबाह हो गई है। तबाही के दूसरे दिन भी प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुंची। दूसरी ओर राफ्ट संचालन में जुटी टीम की मनमानी को लेकर भी लोगों में आक्रोश देखा गया।
गौहरीमाफी में एक दिन पहले आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों ने मंगलवार को भी घरों में घुसे बाढ़ के पानी, गाद की साफ करने के साथ दिनचर्या की शुरुआत की। जबकि तीनों ओर से बाढ़ से घिरी आबादी वाले हिस्से में बीते दो दिनों से आवागमन पूरी तरह ठप है। दोपहर बाद शुरू हुई राफ्ट सेवा से केवल जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों व मरीजों को ही जलधारा से आरपार कराया गया। मनमानी को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखा गया। ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने बताया कि बीते कई दिनों से बाढ़ के पानी में घिरे हिस्से में ग्रामीण राफ्ट सुविधा से आवागमन कर रहे थे, मगर सोमवार को आई भीषण बाढ़ के बाद मंगलवार को दूसरे दिन भी प्रशासन की ओर से अलग-थलग पड़े गांव के हिस्से में आवागमन सुचारु नहीं हो पाया।
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इस दौरान दोपहर बाद लगाई गई राफ्ट में नागरिकों से पूछताछ के बाद ही बिठाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि सुबह के समय राफ्ट नहीं लगाई गई, जिसके कारण ग्रामीणों को जलधारा में जोखिम उठाकर पार करना पड़ा। सुबह के समय राफ्ट नहीं लगने से स्कूली बच्चे विद्यालय नहीं जा सके। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ के दूसरे दिन भी प्रशासन की टीम क्षेत्र में क्षति का मुआयना करने नहीं पहुंची। जबकि गांव में घुसी जलधारा को डायवर्ट करने का कार्य लगातार जारी रहा।
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बचाव कार्य में जुटी एसडीआरएफ
देहरादून। आपदा परिचालन केंद्र देहरादून से प्राप्त सूचना के अनुसार तहसील ऋषिकेश के अंतर्गत गौहरीमाफी में स्थित सौंग नदी का जल वर्तमान में सामान्य हो रहा है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए आरपार ले जाने के लिये एसडीआरएफ की टीम ने छोटी बोट का उपयोग किया गया। गोहरीमाफी में सिंचाई विभाग की तीन जेसीबी काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम कैंप लगाकर मौके पर तैनात की गई है, जो स्थानीय पुलिस प्रशासन के समन्वय से कार्य कर रही है।