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क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते से आवाजाही कर रहे स्कूली छात्र-छात्राएं
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:00 PM IST
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पोखरी। जीआईसी गोदली का मुख्य भवन भूधंसाव की चपेट में आ गया है। भूधंसाव से विद्यालय का पैदल रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे छात्र-छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।
जीआईसी गोदली में 250 बच्चे अध्यनरत हैं। यहां ग्राम पंचायत नैल, नौली, गुड़म, मसोली, जखमाला, श्रीगढ़ व कलसिर गांवों के बच्चे इंटर की पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। 16 जुलाई को हुई भारी बारिश से विद्यालय परिसर के इर्द-गिर्द भूस्खलन शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। विद्यालय का खेल मैदान भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है। पीटीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने जिला प्रशासन से विद्यालय की सुरक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र की दीवारबंदी करने की मांग उठाई है। कलसिर गांव के बलवंत सिंह राणा का कहना है कि क्षेत्र का यह एकमात्र इंटर स्तर का विद्यालय है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से बच्चे खतरे के साए में पठन-पाठन व आवागमन कर रहे हैं। इधर, मुख्य शिक्षाधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी से भूधंसाव की रिपोर्ट मांगी जाएगी। विद्यालय की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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जीआईसी गोदली में 250 बच्चे अध्यनरत हैं। यहां ग्राम पंचायत नैल, नौली, गुड़म, मसोली, जखमाला, श्रीगढ़ व कलसिर गांवों के बच्चे इंटर की पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। 16 जुलाई को हुई भारी बारिश से विद्यालय परिसर के इर्द-गिर्द भूस्खलन शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। विद्यालय का खेल मैदान भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है। पीटीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने जिला प्रशासन से विद्यालय की सुरक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र की दीवारबंदी करने की मांग उठाई है। कलसिर गांव के बलवंत सिंह राणा का कहना है कि क्षेत्र का यह एकमात्र इंटर स्तर का विद्यालय है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से बच्चे खतरे के साए में पठन-पाठन व आवागमन कर रहे हैं। इधर, मुख्य शिक्षाधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी से भूधंसाव की रिपोर्ट मांगी जाएगी। विद्यालय की सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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