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कृषि भूमि के नुकसान का मुआवजा साबित हो रहा ऊंट के मुंह में जीरा
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:48 PM IST
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जोशीमठ। आपदा प्रभावित चांई गांव के ग्रामीणों को तहसील प्रशासन की ओर से बांटे गए आपदा राहत के चेक ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से अधिकांश प्रभावितों को 112 रुपये के चेक बांटे गए हैं। स्थिति यह है कि मुआवजा धनराशि से अधिक धन तो ग्रामीणों का बैंक तक आने में खर्च हो रहा है।
सात और आठ जून को चांई गांव में बादल फटने से ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब तहसील प्रशासन ने गांव में क्षति का आंकलन किया था। प्रशासन ने गांव में 1.86 हेक्टेयर भूमि के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी। तहसील को भूमि के मुआवजे के लिए 70,125 रुपये प्राप्त हुए। आपदा प्रभावित प्रेम लाल और रघुवीर सिंह के हिस्से में मात्र 181.50 और 112 रुपये के चेक आए हैं। दोनों प्रभावितों का कहना है कि उनके खेतों में घुसे मलबे को हटाने के लिए करीब दो हजार रुपये खर्च किए गए हैं। तहसील से मिले चेक को भुनाने में ही उनके करीब पांच सौ रुपये खर्च हो जाएंगे। वहीं जोशीमठ तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि आपदा मानक के तहत एक हेक्टेयर कृषि भूमि के नुकसान पर 37500 रुपये मुआवजे का प्राविधान है। चांई गांव में 94 ग्रामीणों की भूमि को नुकसान हुआ था। सभी को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान किया गया है। तहसील स्तर पर इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
सात और आठ जून को चांई गांव में बादल फटने से ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब तहसील प्रशासन ने गांव में क्षति का आंकलन किया था। प्रशासन ने गांव में 1.86 हेक्टेयर भूमि के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी। तहसील को भूमि के मुआवजे के लिए 70,125 रुपये प्राप्त हुए। आपदा प्रभावित प्रेम लाल और रघुवीर सिंह के हिस्से में मात्र 181.50 और 112 रुपये के चेक आए हैं। दोनों प्रभावितों का कहना है कि उनके खेतों में घुसे मलबे को हटाने के लिए करीब दो हजार रुपये खर्च किए गए हैं। तहसील से मिले चेक को भुनाने में ही उनके करीब पांच सौ रुपये खर्च हो जाएंगे। वहीं जोशीमठ तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि आपदा मानक के तहत एक हेक्टेयर कृषि भूमि के नुकसान पर 37500 रुपये मुआवजे का प्राविधान है। चांई गांव में 94 ग्रामीणों की भूमि को नुकसान हुआ था। सभी को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान किया गया है। तहसील स्तर पर इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
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