{"_id":"5b60945a4f1c1b54638b5a53","slug":"15330560835-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामाजिक भेदभाव और सामाजिक बुराईयों को दूर भगाने का किया आह्वान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामाजिक भेदभाव और सामाजिक बुराईयों को दूर भगाने का किया आह्वान
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। पीजी कॉलेज गोपेश्वर में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती धूमधाम से मनाई। इस दौरान हिंदी विभाग की ओर से मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘कफन’ का मंचन किया गया। इसमें सामाजिक भेदभाव और सामाजिक बुराइयों को दूर भगाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. केएल मालगुड़ी ने किया। इस मौके पर हिंदी विभागाध्यक्ष डा. एके अवस्थी, डा. एमके उनियाल, डा. एसएस रावत, डा. भावना मेहरा, डा. संध्या गैरोला, मीडिया कोआर्डिनेटर डा. दर्शन सिंह नेगी, लालीराम, सुधीर बिष्ट, प्रकाश भंडारी आदि मौजूद थे। वहीं, अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की ओर से प्रेमचंद का साहित्य कल आज और कल विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्रेमचंद की कहानी, उपन्यास और कविताओं पर चर्चा हुई। फाउंडेशन के जिला समन्वयक जगमोहन चोपता ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर महेंद्र राणा, कैलाश पंत, मीनाक्षी राणा, भीम सिंह, सुबोध, मिर्जा, घनश्याम आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. केएल मालगुड़ी ने किया। इस मौके पर हिंदी विभागाध्यक्ष डा. एके अवस्थी, डा. एमके उनियाल, डा. एसएस रावत, डा. भावना मेहरा, डा. संध्या गैरोला, मीडिया कोआर्डिनेटर डा. दर्शन सिंह नेगी, लालीराम, सुधीर बिष्ट, प्रकाश भंडारी आदि मौजूद थे। वहीं, अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की ओर से प्रेमचंद का साहित्य कल आज और कल विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में प्रेमचंद की कहानी, उपन्यास और कविताओं पर चर्चा हुई। फाउंडेशन के जिला समन्वयक जगमोहन चोपता ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर महेंद्र राणा, कैलाश पंत, मीनाक्षी राणा, भीम सिंह, सुबोध, मिर्जा, घनश्याम आदि मौजूद थे।
विज्ञापन