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भूस्खलन से मकानों और सरकारी इमारतों को खतरा
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया/नागथात।
क्षेत्र में चार दिन से हो रही बारिश के कारण पहाड़ी अंचलों में जगह-जगह भूस्खलन होने लगा है। सुरक्षा दीवारों के गिरने से मकानों, गोशाला और सरकारी इमारतों को खतरा खड़ा हो गया है। प्रभावितों को रात जागकर काटनी पड़ रही है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
साहिया स्थित साकेत बस्ती में पहाड़ी से मलबा गिरने से शनिवार को बस्ती निवासी हरि सिंह की गोशला तबाह हो गई। गनीमत रही कि हादसे के समय मवेशी गोशाला से बाहर बंधे हुए थे। कालसी तहसील के ठलीन गांव में शुक्रवार की देर रात को बारिश के बीच रमेश खन्ना पुत्र भादू खन्ना के घर की सुरक्षा दीवार ढह गई। हादसे के समय घर में सभी सदस्य सो रहे थे। दीवार गिरने की आवाज सुनते ही सबकी नींद खुल गई। इस दौरान उनमें अफरा तफरी मच गई। उन्होंने किसी तरह बाहर निकल अपनी जान बचाई। मलबे के नीचे दब कर उनका रोजमर्रा का सामान पूरी तरह से तबाह हो गई। उन्होंने परिवार समेत पंचायती घर में शरण ली हुई हैै। तहसील के ही गांगरौ गांव में भूस्खलन के कारण मलबा सीधे खजान सिंह के घर की छत और पीछे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ता हुआ सीधे घर में जा घुसा। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। भूस्खलन की जद में आकर काहा गांव में पूरा देवी और ककाड़ी गांव में अंतराम बिष्ट के मकानों के नीचे बनी सुरक्षा दीवार ढह गई। उनके घरों में भी दरारें पड़ गई हैं। जिस कारण दोनों परिवारों को रात भर जागकर काटनी पड़ी। वहीं, मैपावटा गांव में भूस्खलन की जद में आकर हाईस्कूल के भवन को खतरा खड़ा हो गया है। उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित पटवारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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क्षेत्र में चार दिन से हो रही बारिश के कारण पहाड़ी अंचलों में जगह-जगह भूस्खलन होने लगा है। सुरक्षा दीवारों के गिरने से मकानों, गोशाला और सरकारी इमारतों को खतरा खड़ा हो गया है। प्रभावितों को रात जागकर काटनी पड़ रही है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
साहिया स्थित साकेत बस्ती में पहाड़ी से मलबा गिरने से शनिवार को बस्ती निवासी हरि सिंह की गोशला तबाह हो गई। गनीमत रही कि हादसे के समय मवेशी गोशाला से बाहर बंधे हुए थे। कालसी तहसील के ठलीन गांव में शुक्रवार की देर रात को बारिश के बीच रमेश खन्ना पुत्र भादू खन्ना के घर की सुरक्षा दीवार ढह गई। हादसे के समय घर में सभी सदस्य सो रहे थे। दीवार गिरने की आवाज सुनते ही सबकी नींद खुल गई। इस दौरान उनमें अफरा तफरी मच गई। उन्होंने किसी तरह बाहर निकल अपनी जान बचाई। मलबे के नीचे दब कर उनका रोजमर्रा का सामान पूरी तरह से तबाह हो गई। उन्होंने परिवार समेत पंचायती घर में शरण ली हुई हैै। तहसील के ही गांगरौ गांव में भूस्खलन के कारण मलबा सीधे खजान सिंह के घर की छत और पीछे बनी सुरक्षा दीवार को तोड़ता हुआ सीधे घर में जा घुसा। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। भूस्खलन की जद में आकर काहा गांव में पूरा देवी और ककाड़ी गांव में अंतराम बिष्ट के मकानों के नीचे बनी सुरक्षा दीवार ढह गई। उनके घरों में भी दरारें पड़ गई हैं। जिस कारण दोनों परिवारों को रात भर जागकर काटनी पड़ी। वहीं, मैपावटा गांव में भूस्खलन की जद में आकर हाईस्कूल के भवन को खतरा खड़ा हो गया है। उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित पटवारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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