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मेरिट लिस्ट जारी होते ही कॉलेज में हंगामा
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश ।
सूबे के एकमात्र गवर्मेंट पीजी ऑटोनोमस कॉलेज में छात्र-छात्राओं के प्रवेश की पहली मेरिट लिस्ट जारी होते ही हंगामा शुरू हो गया है। छात्रसंघ ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी ऑनलाइन प्रक्रिया की वजह से करीब ढाई हजार छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में प्रवेश ही नहीं ले पाए, जबकि प्राचार्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए साइट की एक्सपर्ट से जांच कराने की बात कही है।
सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष शिवम भारद्वाज की अगुवाई में दर्जनों छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन में प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। कहा कि कॉलेज की वेबसाइट कई दिनों तक खुुली ही नहीं, जिसके चलते लगभग 2500 छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने से वंचित रह गए। कहा कि दाखिले के लिए कॉलेज प्रशासन को ऑफलाइन सुविधा की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। एडमिशन के लिए काउंसिल की फीस भी पहले ही जमा कराई गई, जबकि पूर्व में ऐसा नहीं था। आरोप लगाया कि कई बच्चों को शुल्क भी वापस नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि महाविद्यालय की पहली मेरिट लिस्ट जारी हो गई है, जिसमें 997 अभ्यार्थियों को जगह मिली है। लगभग दो घंटे तक प्रशासनिक भवन में हंगामा करने के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष ने चेेताया कि छूटे छात्र-छात्राओं को शीघ्र दाखिला नहीं मिला तो वह कॉलेज बंद करा देंगे। उधर, कॉलेज प्राचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने प्रवेश में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है। उन्होंने कॉलेज की वेबसाइट की जांच कराने की बात जरूर कही है। मौके पर छात्रसंघ महासचिव इमरान खान, सौरभ वर्मा, अमनदीप नेगी, मनीषा, आंचल, प्रशांत कुमार, ज्योति, शिवानी, अंजलि, सुप्रिया, समीक्षा, आयुष, चेतन आदि मौजूद थे।
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चमकाई जा रही है नेतागिरि : प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने छात्रसंघ के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया के समय हर साल ही इस प्रकार के विरोध होते रहे हैं। कुछ छात्र नेता इस मामले में सिर्फ नेतागिरी चमका रहे हैं।
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सूबे के एकमात्र गवर्मेंट पीजी ऑटोनोमस कॉलेज में छात्र-छात्राओं के प्रवेश की पहली मेरिट लिस्ट जारी होते ही हंगामा शुरू हो गया है। छात्रसंघ ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनकी ऑनलाइन प्रक्रिया की वजह से करीब ढाई हजार छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में प्रवेश ही नहीं ले पाए, जबकि प्राचार्य ने आरोपों को निराधार बताते हुए साइट की एक्सपर्ट से जांच कराने की बात कही है।
सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष शिवम भारद्वाज की अगुवाई में दर्जनों छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन में प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। कहा कि कॉलेज की वेबसाइट कई दिनों तक खुुली ही नहीं, जिसके चलते लगभग 2500 छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने से वंचित रह गए। कहा कि दाखिले के लिए कॉलेज प्रशासन को ऑफलाइन सुविधा की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। एडमिशन के लिए काउंसिल की फीस भी पहले ही जमा कराई गई, जबकि पूर्व में ऐसा नहीं था। आरोप लगाया कि कई बच्चों को शुल्क भी वापस नहीं किया जा रहा है।
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गौरतलब है कि महाविद्यालय की पहली मेरिट लिस्ट जारी हो गई है, जिसमें 997 अभ्यार्थियों को जगह मिली है। लगभग दो घंटे तक प्रशासनिक भवन में हंगामा करने के बाद छात्रसंघ अध्यक्ष ने चेेताया कि छूटे छात्र-छात्राओं को शीघ्र दाखिला नहीं मिला तो वह कॉलेज बंद करा देंगे। उधर, कॉलेज प्राचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने प्रवेश में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है। उन्होंने कॉलेज की वेबसाइट की जांच कराने की बात जरूर कही है। मौके पर छात्रसंघ महासचिव इमरान खान, सौरभ वर्मा, अमनदीप नेगी, मनीषा, आंचल, प्रशांत कुमार, ज्योति, शिवानी, अंजलि, सुप्रिया, समीक्षा, आयुष, चेतन आदि मौजूद थे।
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चमकाई जा रही है नेतागिरि : प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने छात्रसंघ के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया के समय हर साल ही इस प्रकार के विरोध होते रहे हैं। कुछ छात्र नेता इस मामले में सिर्फ नेतागिरी चमका रहे हैं।