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गुलदार ने बछड़े, बकरी और मैमने को बनाया निवाला
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
कालसी तहसील के धोहरा खेड़े और चामड़ी गांव में गुलदार ने हमला कर एक बछड़े, बकरी और मैमने को मार गिराया। गुलदार के हमले से लोगों में दहशत का माहौल है। उन्होंने विभाग से मुआवजे के साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
शनिवार शाम को धोहरा खेड़ा निवासी रमेश वर्मा की पत्नी सुनीता पशुओं को चुगाने के लिए मोकाड़ खड्ड पर गई हुई थी। घर वापसी के समय एक बछड़ा कम मिला। उसने आसपास बछड़े की तलाश की तो कुछ दूरी पर जंगल की तरफ बछड़े को घसीटने के निशान मिले। उसने पास जाकर देखा तो वहां बछड़े का आधा खाया शव पड़ा था, वहीं गुलदार ने चामड़ी गांव निवासी गेंदाराम की छानी में घुस एक बकरी और मैमने को मार गिराया। रविवार की सुबह जब वह छानी में पहुंचे तो कुछ दूरी पर बकरी और मैमने का शव पड़ा था। एक वर्ष पूर्व भी गुलदार ने हमला कर रमेश की बकरी को मार गिराया था। लोगों का कहना है कि एक वर्ष के भीतर गुलदार एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपना निवाला बना चुका है। लोगों को रात भर जाग पशुओं की सुरक्षा करनी पड़ती है। उधर, डीएफओ चकराता दीप चंद आर्यन ने बताया कि विभागीय नियमानुसार पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। संबंधित रेंज और बीट अधिकारी को क्षेत्र में गश्त तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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कालसी तहसील के धोहरा खेड़े और चामड़ी गांव में गुलदार ने हमला कर एक बछड़े, बकरी और मैमने को मार गिराया। गुलदार के हमले से लोगों में दहशत का माहौल है। उन्होंने विभाग से मुआवजे के साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
शनिवार शाम को धोहरा खेड़ा निवासी रमेश वर्मा की पत्नी सुनीता पशुओं को चुगाने के लिए मोकाड़ खड्ड पर गई हुई थी। घर वापसी के समय एक बछड़ा कम मिला। उसने आसपास बछड़े की तलाश की तो कुछ दूरी पर जंगल की तरफ बछड़े को घसीटने के निशान मिले। उसने पास जाकर देखा तो वहां बछड़े का आधा खाया शव पड़ा था, वहीं गुलदार ने चामड़ी गांव निवासी गेंदाराम की छानी में घुस एक बकरी और मैमने को मार गिराया। रविवार की सुबह जब वह छानी में पहुंचे तो कुछ दूरी पर बकरी और मैमने का शव पड़ा था। एक वर्ष पूर्व भी गुलदार ने हमला कर रमेश की बकरी को मार गिराया था। लोगों का कहना है कि एक वर्ष के भीतर गुलदार एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपना निवाला बना चुका है। लोगों को रात भर जाग पशुओं की सुरक्षा करनी पड़ती है। उधर, डीएफओ चकराता दीप चंद आर्यन ने बताया कि विभागीय नियमानुसार पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। संबंधित रेंज और बीट अधिकारी को क्षेत्र में गश्त तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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