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गोदांबरी देवी संभालेगी इस बार भगवान फ्यूंला नारायण के श्रृंगार का जिम्मा
Updated Thu, 12 Jul 2018 10:12 PM IST
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जोशीमठ। भगवान फ्यूंला नारायण मंदिर के कपाट 16 जुलाई को सुबह सात बजे खुलेंगे। इस वर्ष भगवान नारायण के शृंगार का जिम्मा भेंटा गांव की गोदांबरी देवी संभालेंगी। करीब दो माह के बाद 18 सितंबर को मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
मध्य हिमालय क्षेत्र में करीब 9000 फीट की ऊंचाई पर उर्गम घाटी में फ्यूंला नारायण मंदिर स्थित है। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां ठाकुर परिवार की महिला ही भगवान नारायण का शृंगार करती है, जबकि ठाकुर परिवार का व्यक्ति ही पूजा का जिम्मा संभालता है। इस वर्ष मंदिर की पूजा का जिम्मा भेंटा गांव के रघुवीर सिंह पंवार के परिवार को सौंपा गया है। भगवान नारायण को दो माह तक दूध और मक्खन का भोग लगाया जाएगा। दूर-दराज के क्षेत्रों से ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर में मत्था टेकने पहुंचते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष रामचंद्र कंडवाल और लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि मंदिर के कपाट खुलने पर यहां धार्मिक मेले का आयोजन किया जाएगा।
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मध्य हिमालय क्षेत्र में करीब 9000 फीट की ऊंचाई पर उर्गम घाटी में फ्यूंला नारायण मंदिर स्थित है। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां ठाकुर परिवार की महिला ही भगवान नारायण का शृंगार करती है, जबकि ठाकुर परिवार का व्यक्ति ही पूजा का जिम्मा संभालता है। इस वर्ष मंदिर की पूजा का जिम्मा भेंटा गांव के रघुवीर सिंह पंवार के परिवार को सौंपा गया है। भगवान नारायण को दो माह तक दूध और मक्खन का भोग लगाया जाएगा। दूर-दराज के क्षेत्रों से ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर में मत्था टेकने पहुंचते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष रामचंद्र कंडवाल और लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि मंदिर के कपाट खुलने पर यहां धार्मिक मेले का आयोजन किया जाएगा।
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