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अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासनिक अमला लौटा बैरंग
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
शहर और आसपास के इलाकों में सड़कों से अतिक्रमण हटाने में शायद वोट बैंक की सियासत के आगे प्रशासन नतस्तक हो गया है। क्षेत्र में सोमवार को हरिद्वार नेशनल हाईवे और बैराज एम्स मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाना था। इसके लिए कोतवाली से पुलिस फोर्स और जेसीबी भी नगर निगम पहुंच गई थी, लेकिन अचानक प्रशासन की ओर से अभियान स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई से कदम पीछे खींच लिए हैं।
शहर में बैराज रोड और ऋषिकेश-हरिद्वार नेशनल हाईवे के किनारे हुए अतिक्रमण सोमवार को हटाए जाने थे। इसके लिए संबंधित विभागों ने सड़कों के किनारे वाली सरकारी भूमि का चिह्नीकरण किया था। इससे पहले लोगों से खुद ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। सोमवार को चेतावनी के बावजूद नहीं हटने वाले खोखा, ठेली, रेहड़ी आदि को बलपूर्वक जेसीबी से हटाया जाना था। इसके लिए कोतवाली से पुलिस फोर्स पहुंच गई और दो जेसीबी भी मंगा ली गईं। हालांकि नगर निगम में लाव लश्कर जमा होने के बाद अचानक उपजिलाधिकारी ने अभियान स्थगित कर दिया। इसके बाद विभिन्न महकमों की टीम व फोर्स लौट गई। इस बाबत प्रशासन की ओर से दिल्ली में एनजीटी की सुनवाई में अधिकारियों के शामिल होने की दलील दी गई। वहीं सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते अभियान रोका।
एसडीएम ने नहीं उठाया फोन
क्षेत्र में सोमवार को प्रशासन को दलबल के साथ अतिक्रमण हटाना था, लेकिन अचानक स्थगित हुए अभियान के संबंध में एसडीएम हर गिरि के मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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...तो बृहस्पतिवार को हटेगा अतिक्रमण
नायब तहसीलदार केडी जोशी ने बताया कि उपजिलाधिकारी के दिल्ली में एनजीटी में एक मामले की सुनवाई में जाने के कारण अभियान स्थगित करना पड़ा है। अब अतिक्रमण हटाने के लिए बृहस्पतिवार को अभियान चलाया जाएगा।
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शहर और आसपास के इलाकों में सड़कों से अतिक्रमण हटाने में शायद वोट बैंक की सियासत के आगे प्रशासन नतस्तक हो गया है। क्षेत्र में सोमवार को हरिद्वार नेशनल हाईवे और बैराज एम्स मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाना था। इसके लिए कोतवाली से पुलिस फोर्स और जेसीबी भी नगर निगम पहुंच गई थी, लेकिन अचानक प्रशासन की ओर से अभियान स्थगित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई से कदम पीछे खींच लिए हैं।
शहर में बैराज रोड और ऋषिकेश-हरिद्वार नेशनल हाईवे के किनारे हुए अतिक्रमण सोमवार को हटाए जाने थे। इसके लिए संबंधित विभागों ने सड़कों के किनारे वाली सरकारी भूमि का चिह्नीकरण किया था। इससे पहले लोगों से खुद ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। सोमवार को चेतावनी के बावजूद नहीं हटने वाले खोखा, ठेली, रेहड़ी आदि को बलपूर्वक जेसीबी से हटाया जाना था। इसके लिए कोतवाली से पुलिस फोर्स पहुंच गई और दो जेसीबी भी मंगा ली गईं। हालांकि नगर निगम में लाव लश्कर जमा होने के बाद अचानक उपजिलाधिकारी ने अभियान स्थगित कर दिया। इसके बाद विभिन्न महकमों की टीम व फोर्स लौट गई। इस बाबत प्रशासन की ओर से दिल्ली में एनजीटी की सुनवाई में अधिकारियों के शामिल होने की दलील दी गई। वहीं सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के चलते अभियान रोका।
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एसडीएम ने नहीं उठाया फोन
क्षेत्र में सोमवार को प्रशासन को दलबल के साथ अतिक्रमण हटाना था, लेकिन अचानक स्थगित हुए अभियान के संबंध में एसडीएम हर गिरि के मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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...तो बृहस्पतिवार को हटेगा अतिक्रमण
नायब तहसीलदार केडी जोशी ने बताया कि उपजिलाधिकारी के दिल्ली में एनजीटी में एक मामले की सुनवाई में जाने के कारण अभियान स्थगित करना पड़ा है। अब अतिक्रमण हटाने के लिए बृहस्पतिवार को अभियान चलाया जाएगा।