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ीरिद्वार बने सत्यम शिवम् सुंदरम का द्वार:स्वामी चिदानंद
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि और जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने लंदन में हिंदुजा बंधुओं से मुलाकात की। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने हरकी पैड़ी क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित करने का सुझाव रखा। चर्चा में गोपीचंद हिंदुजा, प्रकाश हिंदुजा और संजय हिंदुजा शामिल हुए।
स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने बताया कि हरिद्वार के सौंदर्यीकरण व गंगा तटों की स्वच्छता के बाबत जल्दी ही गंगा महासभा के पदाधिकारियों व संबंधित विभागों से बैठक कर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें हरिद्वार को एक ऐसा तीर्थ बनाना है, जो अधिकाधिक सैलानियों और तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर सके। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि देश-दुनिया में प्रसिद्ध तीर्थ हरिद्वार को स्वच्छ रखने की नितांत जरूरत है। इसके लिए हरिद्वार शहर और आस-पास के क्षेत्रों में भी कूड़ा प्रबंधन, जैविक शौचालयों का निर्माण, तीर्थक्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त, हरियालीयुक्त बनाना होगा। हरिद्वार उत्तराखंड के चारों धामों का प्रवेशद्वार है। राज्य सुंदर और हरियाली युक्त प्रदेश है, इसकी झलक प्रवेशद्वार से ही दिखाई देनी चाहिए। हरिद्वार से देश व दुनिया को स्वच्छता और हरियाली का संदेश देना होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ के माध्यम से पूरे उत्तराखंड को विश्व के पटल पर लाने का एक सुनहरा अवसर है।
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मुनिकीरेती। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि और जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती ने लंदन में हिंदुजा बंधुओं से मुलाकात की। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने हरकी पैड़ी क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित करने का सुझाव रखा। चर्चा में गोपीचंद हिंदुजा, प्रकाश हिंदुजा और संजय हिंदुजा शामिल हुए।
स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने बताया कि हरिद्वार के सौंदर्यीकरण व गंगा तटों की स्वच्छता के बाबत जल्दी ही गंगा महासभा के पदाधिकारियों व संबंधित विभागों से बैठक कर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें हरिद्वार को एक ऐसा तीर्थ बनाना है, जो अधिकाधिक सैलानियों और तीर्थयात्रियों को आकर्षित कर सके। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि देश-दुनिया में प्रसिद्ध तीर्थ हरिद्वार को स्वच्छ रखने की नितांत जरूरत है। इसके लिए हरिद्वार शहर और आस-पास के क्षेत्रों में भी कूड़ा प्रबंधन, जैविक शौचालयों का निर्माण, तीर्थक्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त, हरियालीयुक्त बनाना होगा। हरिद्वार उत्तराखंड के चारों धामों का प्रवेशद्वार है। राज्य सुंदर और हरियाली युक्त प्रदेश है, इसकी झलक प्रवेशद्वार से ही दिखाई देनी चाहिए। हरिद्वार से देश व दुनिया को स्वच्छता और हरियाली का संदेश देना होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ के माध्यम से पूरे उत्तराखंड को विश्व के पटल पर लाने का एक सुनहरा अवसर है।
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