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बिना तारजाल गदेरों में बना दिए कॉजवे
Updated Mon, 18 Jun 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे पर अत्यधिक पानी वाले गदेरों पर बिना तारजाल के कॉजवे का निर्माण करा रहा है। स्थानीय लोगों ने बरसात में अत्यधिक मलबे और बोल्डर वाले गदेरों पर मानक के लिहाज से कॉजवे निर्माण नहीं करने व विभागीय निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तारजाल के बिना अत्यधिक पानी के कारण कॉजवे ज्यादा समय नहीं टिक पाएंगे, जिससे लोगों को दोबारा परेशानी उठानी पड़ेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, एसएस रावत, नरेंद्र राणा, टैक्सी यूनियन स्वर्गाश्रम के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह पयाल का कहना है कि इन गदेरों पर ग्रीष्मकाल में भी काफी मात्रा में पानी रहता है, जबकि वर्षाकाल में गदेरों में बड़े बोल्डर के साथ भारी मात्रा में मलबा आता है। ऐसे में बिना तारजाल के बनाए जा रहे कॉजवे का अधिक समय तक टिक पाने को लेकर लोग आशंकित हैं।
लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर काफी समय से क्षतिग्रस्त पड़े कॉजवे की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग लापरवाह बना हुआ था। अब महकमा गरुड़चट्टी से घट्टूगाड़ के पैच में सफेद पानी गदेरा, गरूड़ चट्टी गदेरा और बेरी गदेरे में कॉजवे का निर्माण करा रहा है। उक्त मार्ग पर हर रोज ग्रामीण व नीलकंठ मंदिर के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु आवागमन करते हैं।
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लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे पर अत्यधिक पानी वाले गदेरों पर बिना तारजाल के कॉजवे का निर्माण करा रहा है। स्थानीय लोगों ने बरसात में अत्यधिक मलबे और बोल्डर वाले गदेरों पर मानक के लिहाज से कॉजवे निर्माण नहीं करने व विभागीय निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तारजाल के बिना अत्यधिक पानी के कारण कॉजवे ज्यादा समय नहीं टिक पाएंगे, जिससे लोगों को दोबारा परेशानी उठानी पड़ेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, एसएस रावत, नरेंद्र राणा, टैक्सी यूनियन स्वर्गाश्रम के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह पयाल का कहना है कि इन गदेरों पर ग्रीष्मकाल में भी काफी मात्रा में पानी रहता है, जबकि वर्षाकाल में गदेरों में बड़े बोल्डर के साथ भारी मात्रा में मलबा आता है। ऐसे में बिना तारजाल के बनाए जा रहे कॉजवे का अधिक समय तक टिक पाने को लेकर लोग आशंकित हैं।
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लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर काफी समय से क्षतिग्रस्त पड़े कॉजवे की मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग लापरवाह बना हुआ था। अब महकमा गरुड़चट्टी से घट्टूगाड़ के पैच में सफेद पानी गदेरा, गरूड़ चट्टी गदेरा और बेरी गदेरे में कॉजवे का निर्माण करा रहा है। उक्त मार्ग पर हर रोज ग्रामीण व नीलकंठ मंदिर के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु आवागमन करते हैं।
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