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सिंचाई नहर बंद, खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
ग्राम प्रतीतपुर, धर्मावाला, शाहपुर-कल्याणपुर में खेतों की सिंचाई करने वाली नहर इन दिनों बंद पड़ी है। जिसके कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। फसलें खेतों में मुर्झाने लगी है। काश्तकारों का कहना है कि इन दिनों धान के लिए पौध तैयार करने का काम चल रहा है, लेकिन पानी न होने के कारण काश्तकार पौध तैयार नहीं कर पा रहे है। कहा यदि विभाग शीघ्र ही नहर में पानी नहीं छोड़ता तो उन्हें विभागीय दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा।
शुक्रवार को गांव में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान नरेंद्र सैनी ने कहा कि नहर से कई हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की जाती है, लेकिन एक माह से विभाग ने नहर को बंद किया हुआ है। जिस कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नहर को भी ऐसे समय पर बंद किया गया है जब सिंचाई की सबसे अधिक जरूरत होती है। नहर बंद होने के कारण काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक काश्तकारों खेतों की सिंचाई का काम शुरू नहीं कर सके हैं। कहा यदि विभाग ने शीघ्र ही सिंचाई नहर में पानी नहीं छोड़ा तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उधर, अवर अभियंता पिंकी तोमर ने बताया कि हैड मरम्मत और सफाई को कुछ दिन के लिए नहर को बंद किया गया था। अब नहर में पानी का डिस्चार्ज कर दिया गया है। बैठक में राकेश नेगी, बल सिंह, रमेश सैनी, वीर सिंह सैनी, सतीश सैनी, बिरमपाल सैनी, जग्गन सैनी, प्रेम सिंह, बालक सैनी, शोभाराम सैनी, दर्शन लाल, सुखपाल, रंजूपाल, सुशील सैनी मौजूद रहे।
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ग्राम प्रतीतपुर, धर्मावाला, शाहपुर-कल्याणपुर में खेतों की सिंचाई करने वाली नहर इन दिनों बंद पड़ी है। जिसके कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। फसलें खेतों में मुर्झाने लगी है। काश्तकारों का कहना है कि इन दिनों धान के लिए पौध तैयार करने का काम चल रहा है, लेकिन पानी न होने के कारण काश्तकार पौध तैयार नहीं कर पा रहे है। कहा यदि विभाग शीघ्र ही नहर में पानी नहीं छोड़ता तो उन्हें विभागीय दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा।
शुक्रवार को गांव में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान नरेंद्र सैनी ने कहा कि नहर से कई हेक्टेयर खेतों की सिंचाई की जाती है, लेकिन एक माह से विभाग ने नहर को बंद किया हुआ है। जिस कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नहर को भी ऐसे समय पर बंद किया गया है जब सिंचाई की सबसे अधिक जरूरत होती है। नहर बंद होने के कारण काश्तकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब तक काश्तकारों खेतों की सिंचाई का काम शुरू नहीं कर सके हैं। कहा यदि विभाग ने शीघ्र ही सिंचाई नहर में पानी नहीं छोड़ा तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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उधर, अवर अभियंता पिंकी तोमर ने बताया कि हैड मरम्मत और सफाई को कुछ दिन के लिए नहर को बंद किया गया था। अब नहर में पानी का डिस्चार्ज कर दिया गया है। बैठक में राकेश नेगी, बल सिंह, रमेश सैनी, वीर सिंह सैनी, सतीश सैनी, बिरमपाल सैनी, जग्गन सैनी, प्रेम सिंह, बालक सैनी, शोभाराम सैनी, दर्शन लाल, सुखपाल, रंजूपाल, सुशील सैनी मौजूद रहे।
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