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मां की डांट से गुस्साए किशोर ने फांस लगाकर दी अपनी जान
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:04 PM IST
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गोपेश्वर। दीदी के घर जाने से मना करने और मां की डांट से गुस्साए एक किशोर ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद से गांव में मातम है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मंडल घाटी के क्यार्की गांव का दीपक कुमार (15) पुत्र ईश्वरी लाल सुबह से ही मां चंद्रावती से अपनी दीदी (संतोषी) के ससुराल कौब (नारायणबगड़) गांव जाने की जिद्द कर रहा था। मां ने मौसम खराब होने के कारण उसे जाने नहीं दिया। जब दीपक ने जाने की जिद्द की तो मां ने उसे डांटकर घर में ही रहने के लिए कहा। इससे दीपक को गुस्सा आ गया और उसने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। इस दौरान दीपक की बहन आरती (16) और छोटा भाई विजय (13) आंगन में खेल रहे थे। काफी देर तक तब दीपक कमरे से बाहर नहीं आया तब उसकी मां दरवाजा खोलने लगी लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। चंद्रावती ने कई बार दीपक को आवाज लगाई, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। किसी अनहोनी की आशंका पर चंद्रावती जोर-जोर से दीपक-दीपक चिल्लाने लगी तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर देखा तो दीपक छत के सहारे रस्सी से लटका हुआ था। ग्रामीणों ने उसे उतारा और जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोपेश्वर थानाध्यक्ष कुंदन राम ने बताया कि दीपक के पिता ईश्वरी लाल होमगार्ड जवान हैं और इन दिनों बदरीनाथ धाम में तैनात हैं। देर शाम वह भी घर पहुंच गए। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है।
मंडल घाटी के क्यार्की गांव का दीपक कुमार (15) पुत्र ईश्वरी लाल सुबह से ही मां चंद्रावती से अपनी दीदी (संतोषी) के ससुराल कौब (नारायणबगड़) गांव जाने की जिद्द कर रहा था। मां ने मौसम खराब होने के कारण उसे जाने नहीं दिया। जब दीपक ने जाने की जिद्द की तो मां ने उसे डांटकर घर में ही रहने के लिए कहा। इससे दीपक को गुस्सा आ गया और उसने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। इस दौरान दीपक की बहन आरती (16) और छोटा भाई विजय (13) आंगन में खेल रहे थे। काफी देर तक तब दीपक कमरे से बाहर नहीं आया तब उसकी मां दरवाजा खोलने लगी लेकिन दरवाजा अंदर से बंद मिला। चंद्रावती ने कई बार दीपक को आवाज लगाई, लेकिन कोई आवाज नहीं आई। किसी अनहोनी की आशंका पर चंद्रावती जोर-जोर से दीपक-दीपक चिल्लाने लगी तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर देखा तो दीपक छत के सहारे रस्सी से लटका हुआ था। ग्रामीणों ने उसे उतारा और जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोपेश्वर थानाध्यक्ष कुंदन राम ने बताया कि दीपक के पिता ईश्वरी लाल होमगार्ड जवान हैं और इन दिनों बदरीनाथ धाम में तैनात हैं। देर शाम वह भी घर पहुंच गए। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा है।
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