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पानी वाले गदेरों पर बिना तारजाल के बन रहे कॉजवे
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे पर अत्यधिक पानी वाले गदेरों पर कॉजवे का निर्माण करा रही है। स्थानीय लोगों ने विभागीय निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन गदेरों पर कॉजवे बनाए जा रहे हैं, वहां वर्षाकाल में ही नहीं ग्रीष्मकाल में भी अत्यधिक पानी रहता है। वर्षाकाल में इन गदेरों पर बड़े बोल्डर व मलबा आता है, ऐसे में कॉजवे का अधिक समय तक टिके रह पाने मुश्किल हैं। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी कॉजवे निर्माण में सरिए का प्रयोग करने की बजाए सीसी निर्माण करा रही है।
गौरतलब है कि लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे अरसे से पानी वाले गदेरों पर कॉजवे क्षतिग्रस्त थे। अब जाकर महकमे को क्षतिग्रस्त कॉजवे की मरम्मत की सुध आई है। विभाग मार्ग के गरुड़चट्टी से घट्टूगाड़ के पैच में सफेद पानी गदेरा, गरुड़ चट्टी गदेरा और बेरी गदेरे में कॉजवे का निर्माण करा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर सिंह रावत, नरेंद्र सिंह राणा, मुकेश चौहान, टैक्सी यूनियन स्वर्गाश्रम के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह पयाल आदि का कहना है कि जिन गदेरों पर कॉजवे निर्माण हो रहा है, वहां बरसात के समय अत्यधिक पानी रहता है। जिसके चलते कॉजवे निर्माण में सरिया के जाल का प्रयोग किया जाना जरुरी है।
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लोक निर्माण विभाग दुगड्डा डिवीजन लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे पर अत्यधिक पानी वाले गदेरों पर कॉजवे का निर्माण करा रही है। स्थानीय लोगों ने विभागीय निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन गदेरों पर कॉजवे बनाए जा रहे हैं, वहां वर्षाकाल में ही नहीं ग्रीष्मकाल में भी अत्यधिक पानी रहता है। वर्षाकाल में इन गदेरों पर बड़े बोल्डर व मलबा आता है, ऐसे में कॉजवे का अधिक समय तक टिके रह पाने मुश्किल हैं। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी कॉजवे निर्माण में सरिए का प्रयोग करने की बजाए सीसी निर्माण करा रही है।
गौरतलब है कि लक्ष्मणझूला-कांडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे अरसे से पानी वाले गदेरों पर कॉजवे क्षतिग्रस्त थे। अब जाकर महकमे को क्षतिग्रस्त कॉजवे की मरम्मत की सुध आई है। विभाग मार्ग के गरुड़चट्टी से घट्टूगाड़ के पैच में सफेद पानी गदेरा, गरुड़ चट्टी गदेरा और बेरी गदेरे में कॉजवे का निर्माण करा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर सिंह रावत, नरेंद्र सिंह राणा, मुकेश चौहान, टैक्सी यूनियन स्वर्गाश्रम के पूर्व अध्यक्ष भगत सिंह पयाल आदि का कहना है कि जिन गदेरों पर कॉजवे निर्माण हो रहा है, वहां बरसात के समय अत्यधिक पानी रहता है। जिसके चलते कॉजवे निर्माण में सरिया के जाल का प्रयोग किया जाना जरुरी है।
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