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माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं: स्वामी घनश्यामाचार्य जी महाराज
Updated Wed, 30 May 2018 11:00 PM IST
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बदरीनाथ। धाम में विश्वशांति, राष्ट्र समृद्घि व सर्वजन कल्याणार्थ श्री झालरिया पीठ डीडवाना राजस्थान की ओर से आयोजित किए जा रहे पुरुषोत्तम मास महोत्सव में बुधवार को देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं न प्रतिभाग किया।
महोत्सव में स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज ने कहा कि आज के युग में संस्कारों का ह्रास हो रहा है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को संस्कारवान होने की शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़ा कोई तीर्थ नहीं है। उन्होंने भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध बताया। महोत्सव में बुधवार को श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन हुआ। श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान कर रहे युवराज स्वामी श्री भूदेवाचार्य महाराज ने भगवान कृष्ण के बाल रूप की लीलाओं का भावपूर्ण वाचन किया। नेपाल से पहुंचे श्रद्धालु महेंद्र मूंदड़ा ने बताया कि वे महोत्सव के लिए ही धाम पहुंचे हैं।
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महोत्सव में स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज ने कहा कि आज के युग में संस्कारों का ह्रास हो रहा है। इसलिए माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को संस्कारवान होने की शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़ा कोई तीर्थ नहीं है। उन्होंने भ्रूण हत्या को जघन्य अपराध बताया। महोत्सव में बुधवार को श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन हुआ। श्रीमद्भागवत कथा का व्याख्यान कर रहे युवराज स्वामी श्री भूदेवाचार्य महाराज ने भगवान कृष्ण के बाल रूप की लीलाओं का भावपूर्ण वाचन किया। नेपाल से पहुंचे श्रद्धालु महेंद्र मूंदड़ा ने बताया कि वे महोत्सव के लिए ही धाम पहुंचे हैं।
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