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सीवर ट्रीटमेंट योजना में पाई कमी, दूर करने के निर्देश
Updated Sat, 19 May 2018 10:32 PM IST
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देवप्रयाग। मिशन फॉर क्लीन गंगा के राज्य कार्यक्रम प्रबंधन ग्रुप परियोजना निदेशक/अपर सचिव डा. राघव लंघर ने शहर की सीवरेज योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट योजना के काम से नाराज लोगों की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक के साथ बहस भी हुई।
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तीर्थनगरी देवप्रयाग में सीवरेज योजना में कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करने शनिवार को परियोजना निदेशक डा. लंगर पहुंचे। उन्होंने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई श्रीनगर व देवप्रयाग और जल संस्थान के अधिकारियों के साथ रामकुंड, संगम मार्केट व शांता नदी किनारे बने तीन एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) और नगर क्षेत्र से गुजर रही सीवरेज लाइन का जायजा लिया। उन्होंने बाह बाजार व मेन मार्केट में अलकनंदा नदी से सटी बस्ती में सीवरेज के लिए पिट बनाकर एसटीपी तक पहुंचाने के निर्देश दिए। योजना में कुछ स्थानों पर खामी पाने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निदेशक ने बाह बाजार क्षेत्र में सीवर लाइन से जुड़ने से इनकार करने वाले लोगों का तत्काल पांच हजार रुपये का चालान करने को कहा। वहीं, सीवरेज योजना को देवप्रयाग के लिए कारगर न बताते पूर्व जिला सदस्य कृष्णकांत कोटियाल, भाजपा नगर अध्यक्ष शशि ध्यानी, विनोद टोडरिया, सुभाष भद्री, सुदर्शन असवाल व दिगंबर रावत आदि ने नाराजगी जताई। उन्होंने देवप्रयाग में सीवरेज के नाम पर करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने का आरोप लगाते गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि बाजार में बनाए गए चेंबर लीक हो रहे हैं। बीच बाजार का मोहल्ला सीवर लाइन से नहीं जुड़ा है। 20 फीसदी आबादी के लिए 1.4 एमएलडी और 80 फीसदी के लिए सिर्फ 225 केएलडी के एसटीपी बनाए गए हैं। जनता के विरोध के बावजूद भागीरथी नदी किनारे टैंक बनाए गए। यह कभी भी बह सकते हैं। उन्होंने पंपिंग से रामकुंड तक दोनों टैंक को सीवर तक पहुंचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि टैंक के ओवर फ्लो से गंदगी हो रही है।
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नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तीर्थनगरी देवप्रयाग में सीवरेज योजना में कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण करने शनिवार को परियोजना निदेशक डा. लंगर पहुंचे। उन्होंने गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई श्रीनगर व देवप्रयाग और जल संस्थान के अधिकारियों के साथ रामकुंड, संगम मार्केट व शांता नदी किनारे बने तीन एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) और नगर क्षेत्र से गुजर रही सीवरेज लाइन का जायजा लिया। उन्होंने बाह बाजार व मेन मार्केट में अलकनंदा नदी से सटी बस्ती में सीवरेज के लिए पिट बनाकर एसटीपी तक पहुंचाने के निर्देश दिए। योजना में कुछ स्थानों पर खामी पाने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। निदेशक ने बाह बाजार क्षेत्र में सीवर लाइन से जुड़ने से इनकार करने वाले लोगों का तत्काल पांच हजार रुपये का चालान करने को कहा। वहीं, सीवरेज योजना को देवप्रयाग के लिए कारगर न बताते पूर्व जिला सदस्य कृष्णकांत कोटियाल, भाजपा नगर अध्यक्ष शशि ध्यानी, विनोद टोडरिया, सुभाष भद्री, सुदर्शन असवाल व दिगंबर रावत आदि ने नाराजगी जताई। उन्होंने देवप्रयाग में सीवरेज के नाम पर करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने का आरोप लगाते गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि बाजार में बनाए गए चेंबर लीक हो रहे हैं। बीच बाजार का मोहल्ला सीवर लाइन से नहीं जुड़ा है। 20 फीसदी आबादी के लिए 1.4 एमएलडी और 80 फीसदी के लिए सिर्फ 225 केएलडी के एसटीपी बनाए गए हैं। जनता के विरोध के बावजूद भागीरथी नदी किनारे टैंक बनाए गए। यह कभी भी बह सकते हैं। उन्होंने पंपिंग से रामकुंड तक दोनों टैंक को सीवर तक पहुंचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि टैंक के ओवर फ्लो से गंदगी हो रही है।
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