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एसटीपी से ट्रचिंग ग्राउंड के सटे होने से नाखुश पेयजल मंत्री
Updated Fri, 18 May 2018 10:32 PM IST
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श्रीनगर। पेयजल एवं आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने शहर में एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) के बगल में ट्रंचिंग ग्राउंड होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस ट्रंचिंग ग्राउंड के शिफ्टिंग के संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता की जाएगी।
शुक्रवार को चमोली से लौटते हुए कैबिनेट मंत्री पंत ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद उन्होंने नदी में गिर रहे नालों और एसटीपी का निरीक्षण किया। उन्होंने एसटीपी के आउटलेट से निकल रहे पानी की मौके पर ही टेस्टिंग करने को कहा। मौके पर जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि एसटीपी से ट्रंचिंग ग्राउंड के सटे होने की वजह बदबू आ रही है। निरीक्षण के पश्चात पंत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत प्रदेश में 135 नालों को गंगा में गिरने से रोका जाना है। जल संस्थान को नदी में गिर रहे सभी नालों की रिपोर्ट बनाकर भेजे जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि एसटीपी के आसपास शुद्ध वातावरण होना चाहिए। कूड़े को इसके बगल और नदी किनारे डंप नहीं करना चाहिए। शराब की ओवर रेटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि नियम सख्त कर दिए गए हैं। पांच बार नियम तोड़ने पर दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। शिकायत करने के लिए आबकारी विभाग के निरीक्षकों के नंबर जारी किए जा रहे हैं। श्रीनगर वैकल्पिक पेयजल योजना के लिए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही जीवीके कंपनी की ओर से धनराशि न दिए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ कड़ाई गई है। कहा कि अगर फिर भी कंपनी पैसे नहीं देती, तो दूसरा रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
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शुक्रवार को चमोली से लौटते हुए कैबिनेट मंत्री पंत ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद उन्होंने नदी में गिर रहे नालों और एसटीपी का निरीक्षण किया। उन्होंने एसटीपी के आउटलेट से निकल रहे पानी की मौके पर ही टेस्टिंग करने को कहा। मौके पर जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि एसटीपी से ट्रंचिंग ग्राउंड के सटे होने की वजह बदबू आ रही है। निरीक्षण के पश्चात पंत ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि नमामि गंगे योजना के तहत प्रदेश में 135 नालों को गंगा में गिरने से रोका जाना है। जल संस्थान को नदी में गिर रहे सभी नालों की रिपोर्ट बनाकर भेजे जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि एसटीपी के आसपास शुद्ध वातावरण होना चाहिए। कूड़े को इसके बगल और नदी किनारे डंप नहीं करना चाहिए। शराब की ओवर रेटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि नियम सख्त कर दिए गए हैं। पांच बार नियम तोड़ने पर दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। शिकायत करने के लिए आबकारी विभाग के निरीक्षकों के नंबर जारी किए जा रहे हैं। श्रीनगर वैकल्पिक पेयजल योजना के लिए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही जीवीके कंपनी की ओर से धनराशि न दिए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ कड़ाई गई है। कहा कि अगर फिर भी कंपनी पैसे नहीं देती, तो दूसरा रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
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