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गंगा स्वच्छता को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं विभाग
Updated Thu, 17 May 2018 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को स्वच्छ रखने के लिए संगम नगरी में हो रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कामों को विभाग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि एक साल में पूरे होने वाले निर्माण कार्यों को विभाग नौ माह में 12 फीसदी भी पूरा नहीं कर पाए हैं। इस पर बृहस्पतिवार को एसडीएम जीआर बिनवाल ने योजना का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को समय पर काम पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
अलकनंदा और पिंडर नदियों में जा रहे पालिका के गंदे नालों के ट्रीटमेंट के लिए उत्तराखंड पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) को 12 करोड़ की स्वीकृति मिली है। विभाग की ओर से 1200 मीटर लंबी लाइन और 5 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाने हैं। सितंबर 2018 में इस काम को पूरा होना था। काम को नौ माह बीत गए, लेकिन अभी तक ट्रीटमेंट प्लांट तो दूर लाइन तक नहीं बनी। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने योजना का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई। वहीं पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) के अवर अभियंता दीपक वत्स का कहना है कि डिजायन में देरी होने की वजह से काम में देरी हो रही है। इस पर संबंधित कांट्रेक्टर पर पेनल्टी लगाई जा रही है। वहीं एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि गंगा में गंदे नालों को गिराना अपराध है। योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अलकनंदा और पिंडर नदियों में जा रहे पालिका के गंदे नालों के ट्रीटमेंट के लिए उत्तराखंड पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) को 12 करोड़ की स्वीकृति मिली है। विभाग की ओर से 1200 मीटर लंबी लाइन और 5 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाने हैं। सितंबर 2018 में इस काम को पूरा होना था। काम को नौ माह बीत गए, लेकिन अभी तक ट्रीटमेंट प्लांट तो दूर लाइन तक नहीं बनी। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने योजना का निरीक्षण किया और कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई। वहीं पेयजल निगम (गंगा डिवीजन) के अवर अभियंता दीपक वत्स का कहना है कि डिजायन में देरी होने की वजह से काम में देरी हो रही है। इस पर संबंधित कांट्रेक्टर पर पेनल्टी लगाई जा रही है। वहीं एसडीएम जीआर बिनवाल ने कहा कि गंगा में गंदे नालों को गिराना अपराध है। योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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