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हनोल में उमड़ा आस्था का सैलाब
Updated Mon, 14 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
तीन साल बाद महासू मंदिर हनोल में खत पशगांव की ओर से बिस्सू मेले का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में लोगों ने महासू देवता की आराधना की। मंदिर परिसर में ढोल-दमाऊ की थाप पर कलाकारों ने लोक नृत्यों की अद्भुत छटा बिखेरी। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद गृहण किया।
खत वासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में ठोऊड़ा (तीरअंदाजी) खेल रिति रिवाजों का निर्वहन किया। बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर पर्व की बधाई दी। मेले में क्वानू, मलेथा, कोटा, मझगांव, दुनवा, दसेऊ, तितरोली, हाजा, डाडूवा, दोधा, गबेला, सुनोड़ा, मटियाना समेत 14 गांवों से लोग हिस्सा लेने पहुंचे। मंदिर को फूल-मालाओं से सजाया गया। बुरांश के फूलों के साथ लोगों ने देव आराधना की। स्याणा शूरवीर सिंह ने बताया कि हर तीन साल में खत पशगांव की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर भगतराम जोशी, महेंद्र सिंह, मोहर सिंह, अतर सिंह, सरदार सिंह, गोविंद सिंह, कुंवर सिंह, किशन सिंह, गुड्डू, नरेश, प्रताप आदि मौजूद रहे।
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तीन साल बाद महासू मंदिर हनोल में खत पशगांव की ओर से बिस्सू मेले का आयोजन किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में लोगों ने महासू देवता की आराधना की। मंदिर परिसर में ढोल-दमाऊ की थाप पर कलाकारों ने लोक नृत्यों की अद्भुत छटा बिखेरी। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने प्रसाद गृहण किया।
खत वासियों ने पारंपरिक वेशभूषा में ठोऊड़ा (तीरअंदाजी) खेल रिति रिवाजों का निर्वहन किया। बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर पर्व की बधाई दी। मेले में क्वानू, मलेथा, कोटा, मझगांव, दुनवा, दसेऊ, तितरोली, हाजा, डाडूवा, दोधा, गबेला, सुनोड़ा, मटियाना समेत 14 गांवों से लोग हिस्सा लेने पहुंचे। मंदिर को फूल-मालाओं से सजाया गया। बुरांश के फूलों के साथ लोगों ने देव आराधना की। स्याणा शूरवीर सिंह ने बताया कि हर तीन साल में खत पशगांव की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर भगतराम जोशी, महेंद्र सिंह, मोहर सिंह, अतर सिंह, सरदार सिंह, गोविंद सिंह, कुंवर सिंह, किशन सिंह, गुड्डू, नरेश, प्रताप आदि मौजूद रहे।
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