{"_id":"5af86f994f1c1beb408b4f7a","slug":"15262309341-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायक और प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायक और प्रदेश सरकार पर कांग्रेस का वार
Updated Sun, 13 May 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर। कांग्रेस ने शुद्ध पेयजल आपूर्ति, डॉक्टरों की नियुक्ति और एनआईटी के स्थायी कैंपस के निर्माण के मामले में सरकार पर असफल होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने उक्त तीन मांगों के लिए आज (सोमवार) श्रीनगर बंद का पूर्ण समर्थन किया है।
रविवार को कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि विधायक और भाजपा नेता तीनों मामले में कोरी बयानबाजी कर रहे हैं। श्रीनगर, पौड़ी व श्रीकोटवासी गंदा पानी पी रहे हैं। पंपिंग स्टेशनों के नीचे कई बार नदी में शव अटके रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में 1100 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, लेकिन श्रीनगर में एक भी डॉक्टर नहीं दिखाई दे रहा। कहा कि , जब श्रीनगर मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था, तो यहां हर विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर थे, लेकिन आज यहां विशेषज्ञ डॉक्टर ढूंढने मुश्किल हो रहे हैं। तिवाड़ी ने कहा कि एनआईटी उत्तराखंड में सीट बढ़नी चाहिए थी, लेकिन स्थायी कैंपस व सुविधाओं के अभाव से सीट कम कर दी गई। इसके लिए प्रदेश व राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी की बात करने वाली भाजपा सरकार में आते ही घर-घर शराब पहुंचाने लगी। नमामि गंगे में नदी तो साफ हुई नहीं। सिर्फ ठेकेदारों के मजे आए।
इस अवसर पर जिला महामंत्री गणपति भट्ट, उपाध्यक्ष हीरा लाल जैन, नगर अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, सुधांशु नौडिय़ाल, भूपेंद्र पुंडीर, विजय रावल व राजेंद्र रावत मेजर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि विधायक और भाजपा नेता तीनों मामले में कोरी बयानबाजी कर रहे हैं। श्रीनगर, पौड़ी व श्रीकोटवासी गंदा पानी पी रहे हैं। पंपिंग स्टेशनों के नीचे कई बार नदी में शव अटके रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में 1100 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, लेकिन श्रीनगर में एक भी डॉक्टर नहीं दिखाई दे रहा। कहा कि , जब श्रीनगर मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था, तो यहां हर विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर थे, लेकिन आज यहां विशेषज्ञ डॉक्टर ढूंढने मुश्किल हो रहे हैं। तिवाड़ी ने कहा कि एनआईटी उत्तराखंड में सीट बढ़नी चाहिए थी, लेकिन स्थायी कैंपस व सुविधाओं के अभाव से सीट कम कर दी गई। इसके लिए प्रदेश व राज्य सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी की बात करने वाली भाजपा सरकार में आते ही घर-घर शराब पहुंचाने लगी। नमामि गंगे में नदी तो साफ हुई नहीं। सिर्फ ठेकेदारों के मजे आए।
विज्ञापन
इस अवसर पर जिला महामंत्री गणपति भट्ट, उपाध्यक्ष हीरा लाल जैन, नगर अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, सुधांशु नौडिय़ाल, भूपेंद्र पुंडीर, विजय रावल व राजेंद्र रावत मेजर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन