{"_id":"5af86db54f1c1be9408b509b","slug":"15262304503-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं पर बगलें झांकने को मजबूर नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं पर बगलें झांकने को मजबूर नेता
Updated Sun, 13 May 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
देवाल। महज 13 माह में जनता के पास एक बार फिर वोट मांगने जा रहे नेताओं को लोगों के तीखे सवाल चुभ रहे हैं। स्थिति यह है कि जनसमस्याओं को लेकर पूछे जा रहे सवालों पर नेता बगलें झांकने को मजबूर हैं।
थराली विधानसभा उपचुनाव को लेकर इन दिनों भाजपा, कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के नेता प्रचार के लिए गांवों में डेेरा जमाए हैं, लेकिन ग्रामीण अब नेताओं का स्वागत के साथ ही सवाल भी दाग रहे हैं। लोगों का कहना है कि ब्लाक के पिनाउं, सौरीगाड़, झलिया, उपथर, रामपुर, तोरती, हरमल, चोंटिग, बलाड़, बमोटिया, सहित कई गांवों में सड़क और बिजली नही है। गांवों के एएनएम केंद्र में एएनएम नहीं है। टीकाकरण के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को देवाल जाना पड़ता है। सौरीगाड़ के आनंद सिंह, हुकम सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार करने पहुंच रहे नेताओं से जब सवाल पूछा जा रहा है, तो वे बगलें झांक रहे हैं।
विज्ञापन
थराली विधानसभा उपचुनाव को लेकर इन दिनों भाजपा, कांग्रेस जैसे प्रमुख दलों के नेता प्रचार के लिए गांवों में डेेरा जमाए हैं, लेकिन ग्रामीण अब नेताओं का स्वागत के साथ ही सवाल भी दाग रहे हैं। लोगों का कहना है कि ब्लाक के पिनाउं, सौरीगाड़, झलिया, उपथर, रामपुर, तोरती, हरमल, चोंटिग, बलाड़, बमोटिया, सहित कई गांवों में सड़क और बिजली नही है। गांवों के एएनएम केंद्र में एएनएम नहीं है। टीकाकरण के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को देवाल जाना पड़ता है। सौरीगाड़ के आनंद सिंह, हुकम सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार करने पहुंच रहे नेताओं से जब सवाल पूछा जा रहा है, तो वे बगलें झांक रहे हैं।
विज्ञापन