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सड़क पर सरपट दौड़ रही गाड़ियां बच्चों के लिए बनी कौतूहल-compat
Updated Sun, 13 May 2018 10:24 PM IST
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पीपलकोटी। निजमूला घाटी स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल पाणा के 32 छात्र-छात्राओं में से अधिकांश बच्चों ने रविवार को पहली बार बस और कारों को सड़क पर दौड़ते देखा। जोशीमठ और औली के भ्रमण पर आए बच्चे नृसिंह मंदिर में दर्शन के साथ ही औली में कृत्रिम बर्फ बनाने वाली मशीन और रोपवे को देखकर खासे उत्साहित थे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय प्रबंधन की ओर से कक्षा छह के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पाणा गांव के करीब पचास फीसदी बच्चों ने अभी तक सड़क पर दौड़ते वाहन नहीं देखे हैं। इन बच्चों के लिए यहां सड़क पर दौड़ते वाहन कौतूहल का विषय बने रहे। कक्षा छह में पढ़ रही 11 साल की छात्रा सलोनी और सोनम का कहना है कि उन्होंने पहली बार बस और कार को सड़क पर दौड़ते देखा। बिरही में बच्चों ने जल विद्युत परियोजना की टनल और विद्युत उत्पादन की मशीनें भी देखी। विद्यालय के प्रधानाचार्य एमएल सक्सेना ने कहा कि पाणा गांव की सड़क से पैदल दूरी अधिक होने से कई बच्चे पहली बार गांव से बाहर आए हैं, इन्होंने पहली बार वाहन देखे हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को बाहरी दुनिया से रु-ब-रु कराया गया है। दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ उपप्रमुख अयोध्या प्रसाद हटवाल ने कहा कि शिक्षा विभाग को प्रत्येक वर्ष विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करने चाहिए। इस मौके पर शिक्षक जेएस नेगी, उमेश थपलियाल, विवेक नेगी, पीएस रावत, जेसी बंडवाल आदि मौजूद थे।
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विषम भौगोलिक परिस्थितियों की घाटी है निजमूला
चमोली जिले में निजमूला घाटी विषम भौगोलिक परिस्थितियों की घाटी है। पाणा और ईराणी गांव के ग्रामीण अपने गंतव्य तक जाने के लिए 12 किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी तय करते हैं। घाटी के गांवों में आज भी फोन सेवा सपना बनी हुई है। वर्ष 2010 में पीएमजीएसवाई के तहत निजमूला-पाणा-ईराणी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। सड़क से गांवों की दूरी अधिक होने से यहां अधिकांश बुजुर्गों ने भी वाहन नहीं देखे हैं। बिजली की सुविधा भी वर्ष 2015 में उपलब्ध हो पाई है। ब्यूरो
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय प्रबंधन की ओर से कक्षा छह के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पाणा गांव के करीब पचास फीसदी बच्चों ने अभी तक सड़क पर दौड़ते वाहन नहीं देखे हैं। इन बच्चों के लिए यहां सड़क पर दौड़ते वाहन कौतूहल का विषय बने रहे। कक्षा छह में पढ़ रही 11 साल की छात्रा सलोनी और सोनम का कहना है कि उन्होंने पहली बार बस और कार को सड़क पर दौड़ते देखा। बिरही में बच्चों ने जल विद्युत परियोजना की टनल और विद्युत उत्पादन की मशीनें भी देखी। विद्यालय के प्रधानाचार्य एमएल सक्सेना ने कहा कि पाणा गांव की सड़क से पैदल दूरी अधिक होने से कई बच्चे पहली बार गांव से बाहर आए हैं, इन्होंने पहली बार वाहन देखे हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को बाहरी दुनिया से रु-ब-रु कराया गया है। दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ उपप्रमुख अयोध्या प्रसाद हटवाल ने कहा कि शिक्षा विभाग को प्रत्येक वर्ष विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करने चाहिए। इस मौके पर शिक्षक जेएस नेगी, उमेश थपलियाल, विवेक नेगी, पीएस रावत, जेसी बंडवाल आदि मौजूद थे।
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विषम भौगोलिक परिस्थितियों की घाटी है निजमूला
चमोली जिले में निजमूला घाटी विषम भौगोलिक परिस्थितियों की घाटी है। पाणा और ईराणी गांव के ग्रामीण अपने गंतव्य तक जाने के लिए 12 किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी तय करते हैं। घाटी के गांवों में आज भी फोन सेवा सपना बनी हुई है। वर्ष 2010 में पीएमजीएसवाई के तहत निजमूला-पाणा-ईराणी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। सड़क से गांवों की दूरी अधिक होने से यहां अधिकांश बुजुर्गों ने भी वाहन नहीं देखे हैं। बिजली की सुविधा भी वर्ष 2015 में उपलब्ध हो पाई है। ब्यूरो
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