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बाली का वध कर श्रीराम ने सुग्रीव को सौंपा किस्किंधा राज्य
Updated Sun, 13 May 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। अक्षत नाट्य संस्था की ओर से आयोजित रामलीला के सातवें दिन लंका दहन का मंचन किया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
श्रीराम व लक्ष्मण सीता की खोजते हुए किष्किंधा राज्य पहुंचे। यहां वानर राज सुग्रीव हनुमान को श्रीराम व लक्ष्मण का परिचय लेने के लिए कहते हैं। जैसे ही हनुमान श्रीराम को देखते हैं, तो उन्हें पहचान लेते हैं। बाद में सुग्रीव श्रीराम को अपने भाई बाली के बारे बताते हैं। राम बाली का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा घोषित करते हैं। बाद में भगवान श्रीराम सीता की खोज के लिए हनुमान को लंका में भेजते हैं और लंका को जला देते हैं। रामलीला का शुभारंभ भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र असवाल ने किया। इस मौके पर रौली के प्रधान हरेंद्र राणा, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष विजय विशिष्ट, ओम प्रकाश नेगी, पृथ्वी सिंह रावत, शांति प्रसाद नौटियाल आदि मौजूद थे। संचालन पृथ्वी रावत ने किया।
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श्रीराम व लक्ष्मण सीता की खोजते हुए किष्किंधा राज्य पहुंचे। यहां वानर राज सुग्रीव हनुमान को श्रीराम व लक्ष्मण का परिचय लेने के लिए कहते हैं। जैसे ही हनुमान श्रीराम को देखते हैं, तो उन्हें पहचान लेते हैं। बाद में सुग्रीव श्रीराम को अपने भाई बाली के बारे बताते हैं। राम बाली का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा घोषित करते हैं। बाद में भगवान श्रीराम सीता की खोज के लिए हनुमान को लंका में भेजते हैं और लंका को जला देते हैं। रामलीला का शुभारंभ भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र असवाल ने किया। इस मौके पर रौली के प्रधान हरेंद्र राणा, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष विजय विशिष्ट, ओम प्रकाश नेगी, पृथ्वी सिंह रावत, शांति प्रसाद नौटियाल आदि मौजूद थे। संचालन पृथ्वी रावत ने किया।
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