फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   नारायणबगड़ में बादल फटा, दुकानों में घुसा मलबा, वाहन दबे-CITY

नारायणबगड़ में बादल फटा, दुकानों में घुसा मलबा, वाहन दबे-CITY

Wed, 02 May 2018 11:04 PM IST
Updated Wed, 02 May 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
नारायणबगड़ में बादल फटा, दुकानों में घुसा मलबा, वाहन दबे-CITY
नारायणबगड़ (चमोली)। यहां बुधवार शाम बादल फटने से भारी तबाही मची है। बाजार में दुकानें मलबे से पट गई। तीन से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गई। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। कस्बे के आस-पास बहने वाले चार गदेरों में उफान आने से बारातों के वाहन भी बीच में ही फंस गए। देर शाम बारिश कम होने पर लोगों ने खुद ही किसी प्रकार सड़क का मलबा साफ कर बारात के वाहन पास करवाए। इस दौरान क्षेत्र में दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
विज्ञापन

नारायणबगड़ में बुधवार शाम करीब चार बजे से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। देखते ही देखते ओलावृष्टि, बादलों के गर्जना के साथ तेज बारिश शुरू हो गई और बादल फटने से केवर गांव के सारी, रोखड़, बेड़गांव और पालछुनी गदेरे उफान पर आ गए। जीत सिंह मार्केट की दुकानें मलबे से पट गई। सजवाण इलेक्ट्रानिक्स, दीप क्लाथ हाउस, एसबी टेलर्स, भारत स्टील सहित आधा दर्जन से अधिक दुकानों में मलबा घुसने से भारी नुकसान हुआ है। संजय सिंह नेगी का आवासीय मकान मलबे से पट गया। पूर्ति विभाग के राशन के गोदामों में भी भारी मात्रा में मलबा घुस गया। हालांकि गोदाम बंद होने से नुकसान का पता नहीं चल पाया है। बाजार में तीन से अधिक वाहन मलबे में दब गए, जबकि दो स्थानों पर सड़क बंद हो गई। कई बारातों के वाहन भी फंसे रहे।
विज्ञापन

शाम साढ़े छह बजे बारिश हल्की होने पर लोगों ने किसी प्रकार मलबा हटाकर बारात के वाहन पास कराए। बता दें कि नारायणबगड़ में वर्ष 2013 की आपदा में भी भारी नुकसान हुआ था। तब पुराना बाजार बाढ़ में बह गया था। बुधवार को मौसम के बिगडै़ल मिजाज ने लोगों को डरा दिया। इधर, नारायणबगड़ के नायब तहसीलदार बीएस भंडारी ने बताया कि तेज बारिश और बादल फटने की सूचना है, लेकिन जनहानि नहीं हुई है। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें भेजी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदारद रहा आईआरएस सिस्टम
कर्णप्रयाग। आपदा के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए जिले में आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) कार्यरत है, जिसके तहत अधिकारियों को कई बार प्रशिक्षण भी दिए जा चुके हैं और मॉक ड्रिल भी हो चुके हैं। सिस्टम के तहत आपदा की सूचना मिलने पर सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द घटनास्थल पर राहत के लिए पहुंचना होता है, लेकिन बुधवार शाम दो घंटे तक नारायणबगड़ में बादल फटने से अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन आईआरएस के तहत एक भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ब्यूरो


कर्णप्रयाग में गरज के साथ तेज बारिश
कर्णप्रयाग। बुधवार शाम कर्णप्रयाग सहित आस पास के इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हुई। शाम पांच बजे शुरू हुई बारिश के चलते बिजली गुल हो गई। तेज बारिश से नगर में नाले उफान पर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed