{"_id":"5ae9f5a14f1c1bed778b63b8","slug":"15252822081-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क के लिए तहसील कार्यालय में दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क के लिए तहसील कार्यालय में दिया धरना
Updated Wed, 02 May 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्णप्रयाग। विकासखंड के छह गांवों के लिए बन रही सड़क व पुल का काम बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील में दो घंटे तक धरना दिया। बाद में एसडीएम जीआर बिनवाल ने तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए।
बुधवार को सेरागाड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोर प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे लोगों ने कहा कि सेरागाड़, गुनाड़सेरा, रैैगांव, ह्यूणा, पाडली सुणाई आदि गांवों के लिए दो साल से सड़क और पुल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पिछले चार माह से सड़क व पुल का काम बंद है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले तीन दशक से संघर्ष करने के बाद सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली है, लेकिन अब विभाग और ठेकेदार निर्माण कार्य समय पर नहीं कर रहे हैं। यही नहीं निर्माणाधीन पुल के एक एबेटमेंट पर दरार भी आ गई है। इस दौरान एसडीएम जीआर बिनवाल ने लोनिवि के सहायक अभियंता और तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। धरना देने वालों में प्रधान रुकमणी देवी, पूर्व प्रधान लीलाधर रतूड़ी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश जुयाल, नारायण प्रसाद, चक्रधर प्रसाद, विद्या देवी, रामेश्वरी देवी, शकुंतला देवी, विमला देवी, पुष्पा देवी, पार्वती देवी, हरीश चंद्र आदि शामिल थे।
विज्ञापन
बुधवार को सेरागाड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोर प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में तहसील पहुंचे लोगों ने कहा कि सेरागाड़, गुनाड़सेरा, रैैगांव, ह्यूणा, पाडली सुणाई आदि गांवों के लिए दो साल से सड़क और पुल का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पिछले चार माह से सड़क व पुल का काम बंद है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले तीन दशक से संघर्ष करने के बाद सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली है, लेकिन अब विभाग और ठेकेदार निर्माण कार्य समय पर नहीं कर रहे हैं। यही नहीं निर्माणाधीन पुल के एक एबेटमेंट पर दरार भी आ गई है। इस दौरान एसडीएम जीआर बिनवाल ने लोनिवि के सहायक अभियंता और तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। धरना देने वालों में प्रधान रुकमणी देवी, पूर्व प्रधान लीलाधर रतूड़ी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश जुयाल, नारायण प्रसाद, चक्रधर प्रसाद, विद्या देवी, रामेश्वरी देवी, शकुंतला देवी, विमला देवी, पुष्पा देवी, पार्वती देवी, हरीश चंद्र आदि शामिल थे।
विज्ञापन