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तहसील दिवस : 39 में से 16 शिकायतों का निस्तारण
Updated Wed, 02 May 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
तहसील दिवस पर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से बिजली, पानी, सड़क और पेंशन आदि समस्याओं को लेकर फरियादी तहसील पहुंचे। इस दौरान एसडीएम ने 39 फरियादियों की समस्याओं को सुनते हुए 16 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। जबकि अन्य को संबंधित विभागों को निराकरण के लिए ट्रांसफर किया गया। मंगलवार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आयोजित तहसील दिवस में दिन भर फरियादियों का आना-जाना लगा रहा। शिकायतों में समाज कल्याण विभाग की 14, लघु सिंचाई, टीएचडीसीआईएल, सिंचाई और ऊर्जा निगम की 1-1, श्रम विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान की 2-2, नगर निगम की 3, राजस्व विभाग की 7, पुलिस की 5 शिकायतें शामिल थी।
एसडीएम ने बताया कि अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों की वाजिब समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें आमजन की दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए भी कहा गया है। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार केडी जोशी, ऊर्जा निगम के एसडीओ महेंद्र सिंह और अरविंद नेगी, समाज कल्याण विभाग के एडीओ महेश प्रताप सिंह, जल संस्थान के जेई हिमांशु असवाल, लोनिवि के सहायक अभियंता आरसी कैलखुरा, खंड शिक्षाधिकारी एमएल प्रसाद, श्रम विभाग के प्रधान सहायक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक राजेश सिंह आदि मौजूद थे।
एसडीएम को सौंपा आत्मदाह का चेतावनी पत्र
ऋषिकेश। यूपी शासनकाल में नसबंदी योजना के पात्र कुंवर सिंह रौथाण निवासी गीतानगर, आईडीपीएल ने तहसील दिवस में उन्हें शीघ्र निर्धारित भूमि का पट्टा नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। बताया कि यूपी सरकार ने योजना के तहत उन्हें भूमि आवंटित की थी, लेकिन आज तक प्रशासन उन्हें जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। बताया कि वह करीब ढाई दशक से अधिकारियों और तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने नसबंदी की एवज में भूमि की मांग को लेकर 14 मई से एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना देने की चेतावनी दी है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। इस बाबत उन्होंने बाकायदा एसडीएम को चेतावनी पत्र भी सौंपा है।
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नए शराब की दुकानों के विरोध में ‘मैती’
ऋषिकेश। मैती स्वयंसेवी संस्था ने राज्य सरकार की ओर प्रदेश में खोली जा रही नई शराब की दुकानों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से बचाना है, लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाए हर साल गांव-गांव में शराब के नए ठेके खोल रही है। उन्होंने सरकार से नए ठेकेे नहीं खोले जाने की मांग की है। इस बाबत तहसील दिवस पर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। मौके पर संस्था की सदस्य चंद्रकांता जोशी, कमला नेगी, शोभा, गोदांबरी बैलवाल, शाकुंबरी चौहान, बसंती रावत आदि मौजूद थे।
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तहसील दिवस पर नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से बिजली, पानी, सड़क और पेंशन आदि समस्याओं को लेकर फरियादी तहसील पहुंचे। इस दौरान एसडीएम ने 39 फरियादियों की समस्याओं को सुनते हुए 16 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। जबकि अन्य को संबंधित विभागों को निराकरण के लिए ट्रांसफर किया गया। मंगलवार सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आयोजित तहसील दिवस में दिन भर फरियादियों का आना-जाना लगा रहा। शिकायतों में समाज कल्याण विभाग की 14, लघु सिंचाई, टीएचडीसीआईएल, सिंचाई और ऊर्जा निगम की 1-1, श्रम विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान की 2-2, नगर निगम की 3, राजस्व विभाग की 7, पुलिस की 5 शिकायतें शामिल थी।
एसडीएम ने बताया कि अधिकारियों को स्थानीय नागरिकों की वाजिब समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें आमजन की दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए भी कहा गया है। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, नायब तहसीलदार केडी जोशी, ऊर्जा निगम के एसडीओ महेंद्र सिंह और अरविंद नेगी, समाज कल्याण विभाग के एडीओ महेश प्रताप सिंह, जल संस्थान के जेई हिमांशु असवाल, लोनिवि के सहायक अभियंता आरसी कैलखुरा, खंड शिक्षाधिकारी एमएल प्रसाद, श्रम विभाग के प्रधान सहायक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक राजेश सिंह आदि मौजूद थे।
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एसडीएम को सौंपा आत्मदाह का चेतावनी पत्र
ऋषिकेश। यूपी शासनकाल में नसबंदी योजना के पात्र कुंवर सिंह रौथाण निवासी गीतानगर, आईडीपीएल ने तहसील दिवस में उन्हें शीघ्र निर्धारित भूमि का पट्टा नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। बताया कि यूपी सरकार ने योजना के तहत उन्हें भूमि आवंटित की थी, लेकिन आज तक प्रशासन उन्हें जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। बताया कि वह करीब ढाई दशक से अधिकारियों और तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने नसबंदी की एवज में भूमि की मांग को लेकर 14 मई से एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना देने की चेतावनी दी है। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। इस बाबत उन्होंने बाकायदा एसडीएम को चेतावनी पत्र भी सौंपा है।
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नए शराब की दुकानों के विरोध में ‘मैती’
ऋषिकेश। मैती स्वयंसेवी संस्था ने राज्य सरकार की ओर प्रदेश में खोली जा रही नई शराब की दुकानों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से बचाना है, लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाए हर साल गांव-गांव में शराब के नए ठेके खोल रही है। उन्होंने सरकार से नए ठेकेे नहीं खोले जाने की मांग की है। इस बाबत तहसील दिवस पर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। मौके पर संस्था की सदस्य चंद्रकांता जोशी, कमला नेगी, शोभा, गोदांबरी बैलवाल, शाकुंबरी चौहान, बसंती रावत आदि मौजूद थे।