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संस्कृति के संरक्षण के प्रयास में जुटे प्रवासी गोविंद सिंह
Updated Sun, 29 Apr 2018 10:56 PM IST
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आदिबदरी। रोजगार के लिए गांव से विदेश बसे प्रवासी गांवों की संस्कृति को संरक्षण के प्रयास में जुटे हैं। छिमटा गांव के प्रवासी गोविंद सिंह ने गांव में रामलीला मंच के साथ ही कॉमन हॉल का निर्माण करवाया है।
छिमटा गांव के गोविंद सिंह (38) वर्ष 2002 में आयरलैंड में बस गए थे, लेकिन अपने गांव की संस्कृति को गोविंद नहीं भूले। आयरलैंड के डब्लिन शहर में बसे और होटल व्यवसायी गोविंद सिंह पिछले साल गांव में हुए पांडव लीला में शामिल हुए। इसके बाद आयरलैंड लौटने के बाद भी गोविंद सिंह ने गांव में रामलीला मंच के लिए साढ़े तीन लाख रुपये दिए। साथ ही उन्होंने गांव में कॉमन हॉल निर्माण के लिए कहा है। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में गोविंद सिंह नेगी ने बताया कि गांव हर वर्ष मई में रामलीला होती है, लेकिन गांव में इसके लिए कोई मंच नहीं था। तो उन्होंने इसके निर्माण में मदद की है। बताया कि आदिबदरी से करीब छह किमी की पैदल दूरी पर बसे छिमटा गांव में दो सौ से अधिक परिवार रहते हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते गांव आजतक सड़क से नहीं जुड़ पाया है।
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छिमटा गांव के गोविंद सिंह (38) वर्ष 2002 में आयरलैंड में बस गए थे, लेकिन अपने गांव की संस्कृति को गोविंद नहीं भूले। आयरलैंड के डब्लिन शहर में बसे और होटल व्यवसायी गोविंद सिंह पिछले साल गांव में हुए पांडव लीला में शामिल हुए। इसके बाद आयरलैंड लौटने के बाद भी गोविंद सिंह ने गांव में रामलीला मंच के लिए साढ़े तीन लाख रुपये दिए। साथ ही उन्होंने गांव में कॉमन हॉल निर्माण के लिए कहा है। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में गोविंद सिंह नेगी ने बताया कि गांव हर वर्ष मई में रामलीला होती है, लेकिन गांव में इसके लिए कोई मंच नहीं था। तो उन्होंने इसके निर्माण में मदद की है। बताया कि आदिबदरी से करीब छह किमी की पैदल दूरी पर बसे छिमटा गांव में दो सौ से अधिक परिवार रहते हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते गांव आजतक सड़क से नहीं जुड़ पाया है।
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