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चमोली में विद्यालयों के सुगम दुर्गम का निर्धारण सवालों के घेरे में
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:36 PM IST
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गोपेश्वर। शिक्षा विभाग की ओर से चमोली जिले में एक ही नगर के दो विद्यालयों को सुगम और दुर्गम की अलग-अलग श्रेणियों में सूचीबद्ध किया गया है। ऐसे में चमोली में विद्यालयों के सुगम-दुर्गम के कोटिकरण में लापरवाही सामने आई है।
जिला मुख्यालय पर डीएम ऑफिस से पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज दुर्गम विद्यालयों में शामिल है, वहीं डीएम ऑफिस से दो किमी की दूरी पर स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल नैग्वाड़ को सुगम विद्यालयों की श्रेणी में रखा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी का कहना है कि विभाग की ओर से विद्यालयों के कोटीकरण में गुणांक का सही से उपयोग नहीं किया गया है। मामले में शिक्षा निदेशालय से सुधार को लेकर वार्ता की है और प्रक्रिया में हुई गलतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि विद्यालयों के कोटीकरण के लिए समिति का गठन किया गया था। यदि कोटीकरण में कोई कमी रह गई है तो उस पर पुनर्विचार कर सुधार किया जाएगा।
जिला मुख्यालय पर डीएम ऑफिस से पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज दुर्गम विद्यालयों में शामिल है, वहीं डीएम ऑफिस से दो किमी की दूरी पर स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल नैग्वाड़ को सुगम विद्यालयों की श्रेणी में रखा गया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी का कहना है कि विभाग की ओर से विद्यालयों के कोटीकरण में गुणांक का सही से उपयोग नहीं किया गया है। मामले में शिक्षा निदेशालय से सुधार को लेकर वार्ता की है और प्रक्रिया में हुई गलतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है। इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला का कहना है कि विद्यालयों के कोटीकरण के लिए समिति का गठन किया गया था। यदि कोटीकरण में कोई कमी रह गई है तो उस पर पुनर्विचार कर सुधार किया जाएगा।
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